बेखौफ वनमाफिया लूट रहे जिले की कीमती वन संपदा
तीन माह में अवैध कटान के पांच मामले हुए उजागर
क्रासर.....
जंगल सुरक्षा और मानसून पेट्रोलिंग पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। जंगल की सुरक्षा के लिए एसटीपीएफ समेत वन विभाग का फील्ड स्टाफ और जंगल में सघन पेट्रोलिंग का दावा है बावजूद इसके संरक्षित जंगल में साल सागौन के कीमती पेड़ और वन संपदा सुरक्षित नहीं है। गोला रेंज के रायपुर बीट से वन माफिया चोरी से पेड़ काटकर उठा ले जाते है और वन विभाग को इसका पता तब चलता है जब लकड़ी भीरा पहुंच जाती है। इससे कहीं न कहीं वनकर्मियों की मिलीभगत भी उजागर होती है।
जुलाई माह से सितंबर के बीच संरक्षित वनक्षेत्र से सागौन के पेड़ काटने की पांच घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें चार जगहों से तो लकड़ी बरामद कर ली गई लेकिन मोहम्मदी रेंज की महेशपुर बीट में चोरी से काटे गए चार पेड़ों की न तो लकड़ी बरामद हुई और न ही लकड़कट्टों का पता चल सका है। बरसात के मौसम में वनापराधों में बढ़ोत्तरी होती है। क्योंकि उस समय जंगल गश्त मुश्किल हो जाती है। इसी के चलते विशेष मानसून गश्त की व्यवस्था की जाती है। यह सारी घटनाएं बरसात के मौसम में ही हुई हैं। इससे साबित है कि वनापराधी गश्त के बावजूद पूरी तरह बेखौफ हैं।
टाइगर्स डे पर पर जब पूरे दुधवा टाइगर रिजर्व में लांग रूट पेट्रोलिंग की तैयारी चल रही थी। उसी समय 30 जुलाई को बफर जोन अंतर्गत भीरा रेंज की चक बीट में चार सागौन के पेड़ कट गए। जब यह बात बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल को पता चली तो उन्होंने एक फारेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया और रेंजर और फारेस्टर से जवाब तलब कर लिया। इसके बाद इन पेड़ों की लकड़ी बरौछा नाले से बरामद कर ली गई।
भीरा रेंज की ही पड़रिया बीट में 11 अगस्त को पेट्रोलिंग के दौरान वनकर्मियों ने जंगल से सागौन की पांच बोटा लकड़ी बरामद की। इस दौरान लकड़कट्टों ने वनकर्मियों पर फायरिंग कर दी जिसमें एक वाचर घायल हुआ। इसी दौरान किशनपुर की बरुआ बीट जंगल से पेड़ काटते समय तीन लकडकट्टे दिखाई दिए। इनमें से दो फरार हो गए और एक को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसी तरह दक्षिण खीरी वनप्रभाग की महेशपुर बीट में चार सागौन के पेड़ चोरी से कट गए। इस अवैध कटान में फारेस्ट गार्ड की भूमिका संदिग्ध पाई गई जिसे सस्पेंड कर दिया गया। इसका खुलासा आज तक नहीं हो सका है। तीन माह में जंगल से अवैध कटान का यह पांचवां मामला सामने आया है जिसमें गोला रेंज से काटी गई लकड़ी भीरा से बरामद की गई है। इसमें छह बोटा लकड़ी के अलावा दो बाइक और एक पिकप बरामद हुई है। पिकप मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है।
जंगल से लगातार चोरी छिपे कट रहे पेड़ों को लेकर वन विभाग के अधिकारी गंभीर हुए है। इस कटान के पीछे वनकर्मियों की भूमिका तलाशी जा रही है। वन विभाग की लापरवाही और फील्ड स्टाफ के लालच से जिले की वन संपदा जिस तरह लुट रही है। वह चौंकाने वाली है।
वर्जन.......
वन, वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति वन विभाग पूरी तरह सतर्क और कटिबद्ध है। सतर्कता का ही यह परिणाम है कि जंगल में जो कटान हुआ। उसमें वनापराधी पकड़े गए और बरामदगी भी हुई है। फील्ड स्टाफ को और अधिक सतर्क रहने को कहा गया है। यदि कटान में किसी वनकर्मी की संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अनिल पटेल, उपनिदेशक ,
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन
नगम