बम्हनपुर में श्मशान घाट और कब्रिस्तान का सीमांकन होने के बाद भी श्मशान घाट में कब्र खोदने को लेकर दो समुदाय में तनाव फैल गया। प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कब्र कब्रिस्तान में खुदवाकर शव को दफनाया गया। सूचना मिलते ही एएसपी घनश्याम चौरसिया और एडीएम उमेश नारायण पांडे तहसील पहुंचे। उन्होंने दोनों समुदाय के लोगों को तहसील बुलाया। तहसील सभागार में देर शाम तक दोनों समुदाय के लोग इंतजार करते रहे, लेकिन वह एसडीएम दफ्तर में ही बैठे रहे। मायूस होकर दोनों समुदाय के लोग लौट गए।
बम्हनपुर कस्बे के पश्चिम में स्थित दो गाटा संख्या हैं। दोनों पर वर्षों से कब्रिस्तान बना हुआ है। आरोप है कि करीब तीन दिन पहले एक समुदाय के लोगों ने श्मशान घाट का दावा करते हुए भूमि पैमाइश की मांग की थी। लेखपाल ने मौके पर जाकर भूमि पैमाइश की तो करीब 27 डिस्मिल श्मशान घाट और 13 डिस्मिल कब्रिस्तान निकला।
तहसील प्रशासन ने श्मशान घाट और कब्रिस्तान को अलग कर उसका सीमांकन कर दिया। उसके बाद दोनों पक्ष शांत हो गए। एक समुदाय के आशिक अली की शनिवार को हो गई। आशिक अली को दफनाने के बाद रविवार की सुबह बम्हनुपर के ही रसूल की भी मौत हो गई। आरोप है कि एक समुदाय के लोगों ने श्मशान घाट में कब्र खोदना शुरू कर दिया, जिससे एक समुदाय के लोग वहां पहुंच गए और विरोध करना शुरू कर दिया।
मामले की सूचना तहसील प्रशासन को हुई। मौके पर एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ सविरत्न गौतम, एसओ अजय यादव समेत भारी मात्रा में पुलिस फोर्स पहुंच गया। किसी तरह से दोनों समुदाय के लोगों को शांत कराते हुए कब्र को कब्रिस्तान में खुदवाकर मामले को शांत कराया। सूचना पर एएसपी और एडीएम तहसील पहुंचे। उन्होंने दोनों समुदाय को तहसील में बुलवाया। तहसील सभागार में कुर्सियां आदि डालकर दोनों पक्षों को बैठाया गया। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद पूर्व प्रधान मोहयुद्दीन और वर्तमान प्रधान श्रीराम जायसवाल को एसडीएम चेंबर में बुलाया और बुधवार को पंचायत करने की बात कहकर दोनों पक्षों को लौटा दिया। एडीएम और एसएसपी के न मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है। शांति व्यवस्था के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजस्व के नक्शे में श्मशान घाट और कब्रिस्तान था। भूमि की पैमाइश कर बिजली के खंभे के उत्तर की तरफ कब्रिस्तान और दक्षिण की तरफ श्मशान घाट चिन्हित कर दिया गया है। दोनों समुदाय में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। एडीएम और एसएसपी मामला शांत होने के कारण पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान को बुलाकर बयान लिए थे। बुधवार को पंचायत में समाधान करने की बात कही है।
- अखिलेश यादव, एसडीएम