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विधायक बनने के बाद योगेश वर्मा पर हुआ तीसरा हमला

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लखीमपुर खीरी। जिले में एक बार फिर खनन माफिया की गुंडई सामने आई है। हालांकि जिला प्रशासन और पुलिस का यही दावा रहता है कि जिले में अवैध खनन नहीं होता, लेकिन भाजपा विधायक योगेश वर्मा तीसरी बार खनन माफिया के हमले का शिकार हुए हैं, वहीं एक महीने पहले खनन निरीक्षक अजीत कुमार पांडे के घर पर भी इस धंधे से जुड़े लोगों ने फायरिंग और तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी। इस मामले को पुलिस ने काफी हल्के में लिया, नतीजतन ठीक एक महीने बाद होली के दिन खनन माफिया ने विधायक को जान से मारने की कोशिश की गई।
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जिले में अवैध खनन का कारोबार जोरों पर हो रहा है। इसमें पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत भी कई बार सामने आ चुकी है। विधायक योगेश वर्मा और उनके प्रतिनिधि शांतनु वर्मा पर सबसे पहले 22 जुलाई 2017 को खनन माफियाओं ने फायरिंग कर दी थी, जिसमें तीन लोगों को नामजद किया गया था, लेकिन कार्रवाई शून्य रही थी। इसके छह महीने बाद ही विधायक योगेश वर्मा पर खनन माफियाओं ने ट्रैक्टर ट्राली चढ़ाने की कोशिश की थी। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर गुरुवार को विधायक के होली खेलने के समय सीतापुर रोड स्थित नहरिया के पास खनन माफियाओं ने फिर जानलेवा हमला कर दिया। इस बार विधायक के दाहिनी टांग में 315 बोर के तमंचे की गोली, लगी जिससे वह बाल बाल बच गए। विधायक को बाईपास स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां टांग का ऑपरेशन भी करना पड़ा। कुल मिलाकर इस घटना से यह बात सामने आ गई है कि जिले में खनन माफियाओं का गुंडाराज है और वह विधायक योगेश वर्मा से रंजिश मानते हैं। इससे प्रशासन और पुलिस के इस दावे के भी पोल खुली है कि जिले में अवैध खनन का गोरखधंधा नहीं होता है।

एसडीएम सदर और खनन इंस्पेक्टर के आवास पर कर चुके फायरिंग
खनन माफिया के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वह अफसरों पर भी हमला करने से नहीं चूकते। चार महीने पहले एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह पर भी ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश हुई थी, जिसमें उनकी उंगली टूट गई थी, फिरभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक महीने पहले 22 फरवरी को मोहल्ला काशीनगर कॉलोनी स्थित खनन निरीक्षक अजीत कुमार पांडेय की गैरमौजूदगी में उनके आवास पर माफिया ने जमकर फायरिंग कर तोड़फोड़ भी की थी। इस मामले में रिपोर्ट तो दर्ज हो गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन बेखौफ माफिया ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर विधायक पर जानलेवा हमला कर दिया।
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घटना की जानकारी लगते ही पहुंची आईजी
विधायक पर हमले की जानकारी लगते ही आईजी जोन एसके भगत गुरुवार की शाम को ही लखीमपुर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने विधायक से मिलकर उनका हाल जाना। पश्चात डीएम-एसपी सहित पुलिस अधिकारियों संग बैठक कर तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
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