यूं तो पुलिस की कार्यशैली पर गाहे-बगाहे सवाल उठते ही रहते हैं, मगर रंगदारी मांगे जाने के दो मामलों में खाकी की खासी फजीहत हो रही है। ऐसा हो रहा है शहर निवासी एक गणित प्रवक्ता और थाना सिंगाही क्षेत्र के ईंट भट्ठा मालिक को रंगदारी मांगे जाने के मामले में। दोनों मामलों में पुलिस अभी तक कॉल करने वाले व्यक्ति को पुलिस तलाश नहीं पाई है।
रंगदारी मांगे जाने की पहली घटना आठ नवंबर को थाना सिंगाही क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे और दूसरी घटना 15 नवंबर को शहर निवासी धर्मसभा इंटर कॉलेज के गणित प्रवक्ता रामबरन यादव के साथ हुई। गांव पोखरी स्थित हिंद ब्रिक्स पर पहले दो लाख रुपये की मांग को लेकर धमकी भरा पत्र मिला। पत्र में दी गई समय सीमा समाप्त होने के बाद धमकी देने वाले व्यक्ति कॉल कर रुपये मांगने लगा। न देने पर भट्ठा मालिक बेलरायां निवासी बाबू भाई के बेटे के अपहरण की धमकी देने लगा। इस पूरे घटना क्रम पर यदि गौर करें तो मोबाइल पर धमकी देने का सिलसिला 12 नवंबर से शुरू हुआ। 15 नवंबर की शाम तक 18 से अधिक बार उसने बात की। कोई भी कॉल ऐसी नहीं रही जिसमें धमकी देने वाले ने तीन से चार मिनट से अधिक बात न की हो। धमकी भरा पत्र मिलने के छह दिन बाद जागी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। खास बात यह है कि जो भी कॉलें आईं, वह सभी एक ही नंबर से थीं। बावजूद इसके पुलिस कॉल करने वाले व्यक्ति की लोकेशन तक ट्रेस नहीं कर सकी। यही हाल गणित प्रवक्ता के मामले में देखने को मिल रहा है। ऐसे दोनों मामलों को लेकर हाईटेक पुलिसिंग का दावा करने वाली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
घर में कैद हूं? क्या करूं कुछ समझ में नहीं आता
बेलरायां निवासी ईंट भट्ठा मालिक बाबू भाई सिंगाही पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस उनके मामले को गंभीरता से लेती तो आरोपी अब तक पुलिस के हाथ आ जाता, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उनका भरोसा सिंगाही पुलिस से उठता जा रहा है। घटना के बाद से वह अपने कारोबार को लेकर काफी परेशान हैं।
दोनों मामलों में टीमें लगी हैं, जिन्हें कुछ क्लू मिले हैं। दोनों मामलों का शीघ्र ही वर्कआउट किया जाएगा।
- घनश्याम चौरसिया, एएसपी