शारदानगर (लखीमपुर खीरी)। सिंचाई विभाग शारदानगर में बाढ़ से बचाव कार्य के लिए निकाले गए करीब दो करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त होने से टेंडर खरीदने वाले ठेकेदार भड़क गए और कार्यालय पहुंचे, जहां उनकी अधिशासी अभियंता से तीखी नोकझोंक हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल ठेकेदारों को समझा बुझाकर शांत कराया। ठेकेदारों नें डीएम को ज्ञापन भी दिया है
सिंचाई विभाग नें बाढ से बचाव कार्य के लिए 1.85 करोड़ के टेंडर निकाले थे, जिसकी अंतिम तिथि नौ जून थी। मंगलवार की शाम को अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड शारदानगर दुष्यंत यादव ने टेंडर निरस्त कर दिया। इसकी जानकारी जब ठेकेदारों को हुई तो बड़ी संख्या में ठेकेदार अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचे। बात ही बात में अधिशासी अभियंता नोकझोंक हो गई। बवाल बढ़ते देख विभाग ने इसकी सूचना शारदानगर चौकी पुलिस को दी। सूचना पर चौकी इंचार्ज मनोज कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और ठेकेदारों को बमुश्किल समझाकर शांत कराया। ठेकेदारों का आरोप है कि अधिशासी अभियंता अपने चहेते ठेकेदारों को टेंडर मैनेज नहीं करा पाए, इसलिए टेंडर निरस्त कर दिए गए। चौकी इंचार्ज ने बताया कि किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदारों नें टेंडर निरस्त होने की शिकायत डीएम से भी की है। इस दौरान ठेकेदार झब्बू सिंह बिर्जेंद्र, सुशील सिंह, गुरुनाम सिंह, आराधना अवस्थी, सुशील वर्मा, कुमार मंगलम आदि ठेकेदार मौजूद रहे।
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