लखीमपुर खीरी। मितौली थाने में तैनात रही महिला सिपाही के साथ हुई ठगी के मामले में दर्ज हुई एफआईआर की जांच उन्नाव के एएसपी करेंगे, जिससे एफआईआर को उन्नाव ट्रांसफर किया गया है। साथ ही महिला सिपाही गायत्री वर्मा का भी तबादला उन्नाव कर दिया गया है। आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह के आदेश पर जांच उन्नाव के एएसपी को सौंपी गई है।
बताते चलें कि मितौली थाने में तैनात महिला आरक्षी गायत्री वर्मा ने लखनऊ में प्लॉट दिलाने के नाम पर खुद को अपर पुलिस महानिदेशक कार्यालय में बतौर आरक्षी तैनात होना बताकर आठ लाख की ठगी करने वाले फर्जी आरक्षी राजन वर्मा निवासी मिदनियां थाना सदर कोतवाली के खिलाफ तहरीर दी थी, जिसमें फर्जी सिपाही का साथ देने वाले मितौली थाने के दो सिपाहियों उत्तम पाल व सचिन को भी नामजद किया था। लेकिन, कई दिनों तक पुलिस ने उसका मुकदमा नहीं लिखा। इससे परेशान महिला सिपाही ने रविवार की रात को खुद को थाने के अपने सरकारी आवास में कैद कर लिया था। महिला सिपाही के कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद मितौली पुलिस ने रात में महिला सिपाही की तहरीर पर धारा 419, 420, 406, 504, 506 में आरोपी राजन वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन उसके सहयोगी सिपाहियों के नाम निकाल दिए थे। इस मामले में आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने संज्ञान लेते हुए स्वयं ही कार्रवाई करते हुए पहले दोनों सिपाहियों उत्तम पाल और सचिन को निलंबित किया, जिसके बाद मितौली थाने के एसओ सुनीत कुमार व एसपी के पीआरओ अजय राय को निलंबित किया था। महिला सिपाही के साथ हुई ठगी में पुलिस विभाग के ही सिपाहियों की संलिप्तता उजागर होने से मामला गंभीर हो गया था, जिससे आईजी रेंज ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए दूसरे जनपद उन्नाव के एएसपी को मामले की जांच सौंपी है। इसके साथ ही महिला सिपाही गायत्री वर्मा का भी तबादला उन्नाव कर दिया गया है, जिससे महिला सिपाही को मामले में बयान आदि सूचना दर्ज कराने के लिए भागदौड़ न करनी पड़े। एसपी संजीव सुमन ने बताया कि महिला सिपाही से ठगी के मामले में मितौली थाने में दर्ज एफआईआर को उन्नाव ट्रांसफर किया गया है और महिला सिपाही का भी तबादला उन्नाव किया गया है।