लखीमपुर खीरी। नवागत डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा है कि जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने के साथ फर्जी अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक प्रशासनिक अधिकारी अपने दफ्तरों में उपस्थित रहकर आमजन की शिकायतें सुनेंगे। जिस दफ्तर के चक्कर काटकर जो भी फरियादी मेरे पास आएगा, उस अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
बृहस्पतिवार को करीब 11 बजे कोषागार में पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से पहली बातचीत में 2010 बैच की आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल ने अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई जरूर होगी, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोग निराश न हो। अफसरों को निर्देश दिए कि फरियादियों को न लौटाएं, बल्कि समस्या सुन समाधान करें।
अगर कोई फरियादी उन तक आता है तो पूछा जाएगा कि क्या संबंधित अफसर ने बात नहीं सुनी। डीएम ने कहा कि अमूमन मेड़बंदी टूटने से किसान परेशान होते हैं। जहां मेड़ क्षतिग्रस्त होगीं, वहां बांस की बल्लियां लगाई जाएगी, ताकि विवाद न हो। डीएम ने कहा कि लंबित मुकदमों का प्राथमिकता में निस्तारण कराया जाएगा।
एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि टीमें बनाकर पैमाइश कराएं। सीडीओ से कहा कि गांवों में डुग्गी पिटवाकर और कैंप लगवाकर ज्यादा से ज्यादा मामलों का निस्तारण कराएं। इससे पहले उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में अफसरों के साथ बैठक की। डीएम नागपाल के चार्ज संभालने के बाद से अवैध खनन करने और कराने वालों में खलबली मची है।
जरूरतमंदों के लिए हमेशा खुला है कार्यालय
डीएम ने कहा कि कहा कि आम नागरिक एवं जरूरतमंदों के लिए हमारा कार्यालय हमेशा खुला है। जनता सीधे उनसे संपर्क कर या फोन पर पर अपनी समस्याओं को बता सकते हैं। लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए हर संभव प्रयास रहेंगे।
मीडिया से शेयर करें सकारात्मक कार्य
डीएम ने सभी अफसरों को निर्देश दिए कि विभाग में जो भी सकारात्मक कार्य हुए हैं, उन्हें मीडिया से शेयर करें। मीडिया अगर कोई निगेटिव खबर निकालती हैं, तो उसको निगेटिव न समझें, बल्कि उसका संज्ञान लेकर कार्रवाई करें और मीडिया को जरूर बताएं। जहां तक हम लोग अपनी बात नहीं बता सकते, वहां मीडिया पहुंच जाती है।
पहले दिन सुनीं शिकायतें
डीएम ने पहले दिन जनता की फरियाद सुनीं और और निस्तारण का आश्वासन दिया। नवागत डीएम के आने की सूचना पर कई फरियादी उनसे मिलने के लिए इंतजार कर रहे। डीएम ने सभी से मुलाकात कर समस्या का समाधान कराने की बात कही।