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10 साल बाद मिला इंसाफ, पिता-पुत्र सहित पांच को उम्रकैद

सार

पुरानी रंजिश के चलते 10 साल पहले अनुसूचित जाति के युवक की ताबड़तोड़ गोलियां दागकर हत्या के मामले में एडीजे अनिल यादव ने पांच लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।तभी गांव के इस्माइल और उनके लड़के यूनुस ने अपने साथी नसरत, इरफान और मोहम्मद हुसैन के साथ मिलकर धावा बोल दिया था।
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लखीमपुर खीरी। पुरानी रंजिश के चलते 10 साल पहले अनुसूचित जाति के युवक की ताबड़तोड़ गोलियां दागकर हत्या के मामले में एडीजे अनिल यादव ने पांच लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। सभी पर 25000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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एडीजीसी रमा रमन सैनी ने बताया कि ईसानगर थाना क्षेत्र के गांव रेहरिया कला निवासी रामपाल पासी से गांव के ही इस्माइल और उनके परिवार से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। 22 फरवरी 2012 की सुबह 9:00 बजे जब रामपाल पासी का लड़का संजय मक्के की फसल बोने गया था। तभी गांव के इस्माइल और उनके लड़के यूनुस ने अपने साथी नसरत, इरफान और मोहम्मद हुसैन के साथ मिलकर धावा बोल दिया था। संजय को बचाने के लिए उसके पिता रामपाल और चाचा माधव आ गए। इतने में यूनुस ने बांका से रामपाल पासी और बचाव करने आए माधव पर हमला कर दिया। इस्माइल, नसरत, इरफान और मोहम्मद हुसैन ने नाजायज बंदूक और तमंचे से फायरिंग करते हुए संजय को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने 25 फरवरी को आरोपी इरफान और इस्माइल को हत्या में प्रयुक्त तमंचा और छोटी बंदूक के साथ गिरफ्तार किया था। 10 साल चली अदालती सुनवाई के बाद शनिवार को एडीजे अनिल यादव ने इस्माइल और उसके पुत्र यूनुस के साथ ही हत्या में शामिल नसरत, इरफान और मोहम्मद हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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