लखीमपुर खीरी। मृतक आश्रित कोटे में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने के मामले में जांच तेज हो गई है। डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने तीन लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है।
डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने बताया कि पंचायती राज विभाग में तैनात सफाई कर्मी मोहनलाल की मौत के बाद 17 जनवरी 2022 को उनकी बेटी पंछी देवी निवासी बेहजम ने मृतक आश्रित कोटे से नौकरी की मांग की थी। परिवार नकल में उनका जन्म वर्ष 2005 दर्ज है। इस हिसाब से वह 2023 में साढ़े 17 साल की थीं। आरोप है कि कक्षा पांच की मार्कशीट में हेरफेर कर जन्मवर्ष 2003 दर्ज करवा लिया गया। इससे वह वर्ष 2023 में साढ़े 19 साल की हो गईं। शपथपत्र देकर उन्होंने नौकरी हासिल कर ली।
इसी साल फरवरी में जब जांच के दौरान पंछी देवी की हाईस्कूल की मार्कशीट सामने आई तो उसमें भी 2005 की जन्मतिथि दर्ज मिली। डीपीआरओ की तरफ से दर्ज कराए गए बयान में पंछी देवी ने बताया कि उन्हें ज्यादा कुछ नहीं मालूम। पूरी प्रक्रिया में दो लोगों ने उसकी मदद की थी। इन्हीं लोगों ने अभिलेख बदल दिए। इसमें सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता भी शामिल थे। डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने बताया कि मामले में जय सोनी, रविता देवी और पुष्पा देवी को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
ग्रेच्युटी की रकम ठगने का आरोप
पंछी देवी ने ग्रेच्युटी समेत मिले अन्य लाभ के 22 लाख रुपये में 14 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। डीपीआरओ ने बताया कि बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला है कि पिता की ग्रेच्युटी आदि समेत 22 लाख रुपये पंछी के खाते में गया था, जिसमें से 14 लाख रुपये आठ बैंक खातों में ट्रांसफर हुए है। पूरे मामले में जांच जारी है, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।