लखीमपुर खीरी। लखीमपुर के ऐतिहासिक दशहरा मेले पर आपसी खींचतान और विवाद के काले बादल छाए हुए हैं। सौ साल से अधिक समय पुराने इस मेले का आयोजन इस बार नगर पालिका और सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट के बीच विवाद की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। इस बार मेले का 160वां आयोजन होना है।
अंग्रेजों के जमाने से होते आ रहे इस ऐतिहासिक मेले का जिम्मा नगर पालिका परिषद अपनी स्थापना के बाद से ही उठा रही है। मेला प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नगर पालिका करवाती है और सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट रामलीला का मंचन कराता रहा है। इस बार मेले की जमीन के ट्रस्ट के सरवराकार विपुल सेठ का कहना है कि पूरे मेले का आयोजन वह खुद कराएंगे।
नगर पालिका का इसमें कुछ नहीं है। विपुल सेठ ने मेला खुद आयोजित करने की तैयारियां शुरू कर दीं हैं। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सूची के पंफलेट भी बंटवाने शुरू कर दिए हैं, जबकि यह सूची हमेशा से नगर पालिका में तैयार की जाती रही है।
किसी और स्थान पर भी लग सकता है दशहरा मेला
यदि विवाद की स्थिति बनी रही और ट्रस्ट ने अपनी जमीन मेला मैदान में नगर पालिका को मेला आयोजित कराने के लिए नहीं दी तो दशहरा मेला का आयोजन किसी और स्थान पर भी किया जा सकता है। पालिका अध्यक्ष डॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला प्रदर्शनी का आयोजन तो होगा ही, लेकिन स्थान कुछ और होगा। उन्होंने इसके लिए कई स्थान चिह्नित किए हैं।
सभासदों ने गया प्रसाद ट्रस्ट पर लगाए गंभीर आरोप
शासन, प्रशासन और पालिका की छवि को धूमिल करना चाहते हैं ट्रस्ट के सरवराकार
लखीमपुर खीरी। दशहरा मेले के आयोजन को लेकर नगर पालिका और ट्रस्ट के बीच चल रही खींचतान में अब सभासद भी मैदान में कूद पड़े हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में सभासदों ने डीएम कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन के माध्यम से सभासदों ने कहा कि नगर पालिका परिषद परंपरागत ढंग से दशहरा मेले का आयोजन कराती आ रही है। पालिका मेले में लगने वाली समस्त दुकानों, झूलों आदि का आवंटन करती है। जिससे प्राप्त आय से पालिका विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराती है।
यह भी बताया गया कि सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट के सरवराकार विपुल सेठ की ओर से वितरित पर्चों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि इस वर्ष दशहरा मेला के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी ट्रस्ट कराएगा। जबकि ट्रस्ट का काम केवल रामलीला का मंचन का कराना है। यह स्थिति गंभीर है।
सभासदों की मांग है कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला प्रदर्शनी कराने का आदेश पारित करते हुए सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट को इसमें बाधा डालने से रोका जाए।
इस मौके पर सभासद श्वेता वर्मा, विक्रम कुमार गुप्ता, कुमुदेश शंकर शुक्ला, पिंकी देवी, मनोज कुमार, राकेश कुमार, निसार अली, श्वेता, ज्योति वर्मा, तमीजन बानो, कौशल तिवारी, शमीम बानों, नीलम रस्तोगी, निर्मला देवी, बृजेश पाल समेत तमाम सभासद मौजूद रहे।
ट्रस्ट के दावे का नगर पालिका कर रही विरोध
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने भी डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल से मिलकर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया है। उन्होंने दिए गए शिकायती पत्र में लिखा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि इस वर्ष मेला दशहरा के सांस्कृतिक कार्यक्रम सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट द्वारा कराए जाने का उल्लेख है। जबकि, यह ट्रस्ट केवल रामलीला मंचन कराता है। उन्होंने डीएम को बताया कि नगर पालिका अधिनियम-1916 धारा 8 ठ में यह व्यवस्था दी गई है कि मेला और प्रदर्शनी लगाने का कार्य पालिका का है। उन्होंने डीएम से मांग की है कि पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी दशहरा मेला का आयोजन नगर पालिका को कराए जाने की अनुमति प्रदान करें।
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मेले के आयोजन से लेकर दुकानों के आवंटन तक सारे कार्य हमारी मर्जी से नगर पालिका कराती रही है। मेले की पूरी जमीन सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट की है। रामलीला का आयोजन हमेशा ट्रस्ट करवाता रहा है अब मेला भी ट्रस्ट ही कराएगा।
-विपुल सेठ, सरवराकार, सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट
मेला प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नगर पालिका कराती आ रही है। इस बार भी नगर पालिका ही कराएगी। इसके लिए जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, पालिका अध्यक्ष