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बदलता मौसम बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर कर रहा वार

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अस्पताल में ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए लगी भीड़ - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। शीतलहर के बीच कोहरा तो कभी तेज धूप के साथ दो तीन-दिन से हो रही बारिश से लोगों की मुश्किल बढ़ा दी हैं। हर दिन बदलता मौसम बच्चों, युवाओं से लेकर बुजुर्गों के लिए मुसीबत बन रहा है। कोल्ड डायरिया से लेकर सर्दी, जुकाम बुखार से पीड़ित बच्चे और बुजुर्ग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। सर्दी के कारण बुजुर्गों को दमा और ब्रोंकाइटिस की समस्या भी परेशान कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना मौसम बदल रहा है। ऐसे में सर्दी भी बढ़ रही है। इसलिए इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जरूरत है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना एक हजार तक नए पर्चे बनते हैं। इनमें 100- 150 सौ बच्चे प्रतिदिन इलाज के लिए आते हैं। इसमें से कोल्ड डायरिया से लेकर सर्दी, जुकाम बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या ज्यादा होती है। वहीं दमा, ब्रोंकाइटिस की समस्या से पीड़ित बुजुर्ग भी जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि दिन भर हुई रिमझिम बारिश से बुधवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या कम रही।
डॉक्टरों का कहना है कि अभी दिन का तापमान बढ़ रहा है और रात का पारा गिर रहा है। इस कारण बच्चे और बुजुर्ग कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। सामान्य दिनों की अपेक्षा ठंड में इम्युनिटी कुछ कमजोर हो जाती है। इसके चलते बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि जब भी बच्चों को सर्दी, खांसी और जुकाम के साथ दस्त आने लगे तो यह कोल्ड डायरिया के लक्षण हैं। ऐसे में बिना लापरवाही किए बच्चों को अस्पताल लेकर आएं।
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ठंड के कारण दमा के मरीज बढ़े
जिला अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डॉ. आईके राम चंदानी बताते हैं कि ठंड लगने से हृदय बीमारी, दमा या सीओपीडी वाले मरीजों की समस्या बढ़ने लगती है। पिछले कुछ दिन से इन मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसलिए बुजुर्गों को सर्दी से बचाने के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। पर्याप्त गर्म कपड़े वह भी कई परत में पहनाएं। पीने के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें।
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ऐसे रखें सेहत का ध्यान...
- बच्चे और बुजुर्ग शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले गर्म कपड़े पहनें।
- अच्छी धूप निकलने पर ही खुले में जाकर बैठें।
- पैरों में ऊनी मोजों के साथ कान और सिर पूरा तरह ढकने के लिए कैप पहनें।
- फ्रिज में रखा सामान एवं ठंडी चीजें खाने से बचें।
- बच्चों को पीने के लिए गुनगुना दूध और पानी दें।
- कोल्ड डायरिया होने पर बच्चों को ओआरएस घोल दें, डॉक्टर को दिखाएं।
- दिल के रोगी सुबह न तो जल्दी उठे और न ही टहलने के लिए जाएं।
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