लखीमपुर, गोला डिपो में सीमित संख्या में हैं बसें, फिर भी रोडवेज प्रशासन का बेहतर सेवा का दावा
संसाधन के अभाव में सामान्य दिनों ने ही रोडवेज प्रशासन नहीं करा पाता है यात्रियों को सुखद यात्रा
लखीमपुर खीरी। रोडवेज प्र्रशासन ने रक्षा बंधन पर बहनों को दो दिन मुफ्त यात्रा कराने का एलान किया है। जाहिर है ऐसे में बहनों की बेतहाशा भीड़ उमड़ेगी, जिसे गंतव्य तक भेजना रोडवेज के लिए चुनौती साबित हो सकता है। यहां बता दें कि सामान्य दिनों में ही स्थानीय रोडवेज प्रशासन यात्रियों को सुखद यात्रा नहीं करा पाता है तो त्योहार पर क्या हाल होगा। हालांकि अधिकारी त्योहार पर बेहतर सेवा का दावा कर रहे हैं।
जिले में कहने के लिए भले ही परिवहन निगम के दो डिपो हैं, लेकिन दोनों बस अड्डों पर बसों का अकाल है, जबकि यात्रियों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा स्थिति लखीमपुर डिपो की खराब है, क्योंकि यह बस अड्डा अभी तक उधार की बसों के सहारे चल रहा है। वहीं गोला डिपो में सालों से नई बसें न मिलने से अधिकतर निगम की बसें चलने लायक नहीं बची हैं। ऐसे में कंडम हो चुकी बसों को ही ठोक पीटकर रूट पर भेजा जा रहा है। इससे अक्सर यह बसें रोड पर खड़ी हो जा रही हैं। इससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई कई घंटे लग जा रहे हैं। कुछ ऐसे ही हालात लखीमपुर डिपो के भी हैं। अनुबंधित बसें होने के कारण लखीमपुर से लंबी दूरी की बसें तक नहीं है। इस कारण जिलेवासियों को अन्य डिपो की बसों का सहारा लेना पड़ता है। इसमें चालक परिचालक की मनमानी से परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में त्योहार पर उमड़ने वाली भीड़ के साथ बहनों को समय पर गंतव्य तक भेजना स्थानीय रोडवेज प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
जिले से इन शहरों के लिए होता है बसों का संचालन
परिवहन निगम के लखीमपुर डिपो से गोला, खमरिया, लखनऊ, बरेली एवं दिल्ली के लिए दो एसी बस और गोला डिपो से दिल्ली, रूपैडिया, बरेली, लखनऊ, शाहजहांपुर, अजमेर, बनारस, गौरीफंटा आदि के लिए बस संचालन होता है।
लखीमपुर से बस संचालन
लखनऊ- सुबह पांच बजे से रात नौ बजे तक हर आधे घंटे पर
गोला- सुबह छह बजे से शाम साढे सात बजे तक
दिल्ली- शाम सात से साढ़े आठ बजे तक एसी बस
लखीमपुर डिपो
सामान्य बसों की संख्या- 58 (एक खराब)
एसी बसों की संख्या- चार (सिर्फ दिल्ली के लिए)
दैनिक सफर करने वाले यात्री- करीब छह हजार
गोला डिपो
परिवहन निगम की बसें- 72
अनुबंधित बसें-31
दैनिक यात्रियों की संख्या- करीब 11 हजार
अक्सर बसें न मिलने से परेशान होते हैं यात्री
लखीमपुर बस अड्डे पर रात आठ बजे के बाद गोला और खमरिया वहीं नौ बजे के बाद लखनऊ आदि जाने के लिए बसें नहीं मिलतीं। ऐसे में यात्री निजी वाहन कर अधिक पैसा खर्च कर जाने के लिए मजबूर होते हैं। वहीं सवारियां होने के बावजूद अनुबंधित बस के चालक परिचालक रूट पर जाने के लिए तैयार नहीं होते। ऐसे में त्योहार के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को गंतत्व तक भेजवापाना एआरएम के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।
रक्षाबंधन पर बहनों के अलावा अन्य यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। यात्रियों की संख्या अनुसार बसों का संचालन होगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संचालन कराया जाएगा।
- जोगेंद्र सिंह, एआरएम लखीमपुर एवं गोला डिपो