अगस्त से कहर ढा रही शारदा नदी
अगस्त माह में जब गांव में कटान शुरू हुआ तो चकपुरवा गांव के लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया था। माह के अंत में जब कटान थमा तो बाकी लोग गांव में ठहर गए, लेकिन हारकर उन्हें भी घर छोड़कर जाना पड़ा। अब गांव में सिर्फ पांच घर बचे हैं, उनमें भी सन्नाटा है। यहां कोई नजर नहीं आ रहा है। उधर, चकपुरवा गांव में प्रशासन की तरफ से कोई सहायता भी नहीं पहुंची है। जबकि, कटान पीड़ित इधर-उधर कहीं रिश्तेदारी तो कहीं अन्य जगहों पर भटक रहे हैं।
एसडीएम रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि कटान पीड़ितों के पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी सभी जगहों पर जलभराव की है। क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो को पुनर्वास की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कटान पीड़ितों के भोजन और सुरक्षित रहने की व्यवस्था की गई है।