फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शारदा में समाए 50 घर: लखीमपुर खीरी के चकपुरवा गांव में नदी ने बरपाया ऐसा कहर, कई परिवार हुए बेघर

Thu, 14 Sep 2023 04:59 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

अगस्त माह में जब गांव में कटान शुरू हुआ तो चकपुरवा गांव के लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया था। माह के अंत में जब कटान थमा तो बाकी लोग गांव में ठहर गए, लेकिन हारकर उन्हें भी घर छोड़कर जाना पड़ा। 
विज्ञापन
कटान से वीरान हुआ चकपुरवा गांव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी की तहसील गोला और ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा में अब सिर्फ पांच घर बचे हैं। 55 घरों वाले इस मजरे का वजूद मिटने की कगार पर है। अगस्त माह से अब तक इस गांव के 50 घर कट कर नदी में समा गए हैं।

विज्ञापन


मंगलवार की रात शारदा नदी का जलस्तर घटने से कटान तेज हो गया है। पिछले 24 घंटे में ग्रामीण कल्लू का एक घर और नदी में समा गया। अब गांव में जिन पांच लोगों के घर बचे हैं, उनमें वेद वेदप्रकाश, जगमोहनलाल, ओमप्रकाश, पूर्व प्रधान अजयकुमार, जितेंद्र कुमार के घर शामिल हैं। पूर्व प्रधान ओमप्रकाश का कहना है कि कटान का खतरा टला नहीं है। जिस तरह से उमस भरी गर्मी पड़ रही है और बादल छाए हुए हैं, उससे तेज बारिश होने के आसार हैं। 

ये भी पढ़ें- रामगंगा का रौद्र रूप: बरेली में मीरगंज से फरीदपुर तक बाढ़ का कहर, 500 जमीन नदी में समाई; फसलें डूबी
विज्ञापन


बारिश होने की दशा में शारदा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो चकपुरवा गांव जिले के नक्शे से गायब हो जाएगा। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड गांव का कटान से बचाने का कोई इंतजाम नहीं कर पाया है।

 

अगस्त से कहर ढा रही शारदा नदी

अगस्त माह में जब गांव में कटान शुरू हुआ तो चकपुरवा गांव के लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया था। माह के अंत में जब कटान थमा तो बाकी लोग गांव में ठहर गए, लेकिन हारकर उन्हें भी घर छोड़कर जाना पड़ा। अब गांव में सिर्फ पांच घर बचे हैं, उनमें भी सन्नाटा है। यहां कोई नजर नहीं आ रहा है। उधर, चकपुरवा गांव में प्रशासन की तरफ से कोई सहायता भी नहीं पहुंची है। जबकि, कटान पीड़ित इधर-उधर कहीं रिश्तेदारी तो कहीं अन्य जगहों पर भटक रहे हैं।
विज्ञापन

एसडीएम रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि कटान पीड़ितों के पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी सभी जगहों पर जलभराव की है। क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो को पुनर्वास की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कटान पीड़ितों के भोजन और सुरक्षित रहने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें