लखीमपुर खीरी। खीरी थाने के पट्टी रामदास गांव में वर्ष 2002 में मारपीट के मामला जुर्माने के आधार पर निस्तारित कर दिया गया।
गांव में हमलावरों ने ग्रामीण की पिटाई करते हुए उसकी हड्डी तोड़ दी थी। महिला के साथ छेड़खानी भी की थी। इस मामले में खीरी थाने में दो हमलावरों के खिलाफ वर्ष 2002 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने तफ्तीश के बाद पट्टी रामदास निवासी विजय और दुलारे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। तत्कालीन पुलिसकर्मियों के तबादले के बाद पुलिस गवाही देना और सबूत दाखिल करना भूल ही गई। संयुक्त निदेशक अभियोजन दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि जुर्म कबूल करने के बाद दोनों आरोपियों को दिन भर हिरासत में रखने के बाद अदालत ने उन पर बारह-बारह सौ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही दोबारा अपराध न करने की हिदायत दी है। इसी तरह तमंचा रखने के 11 साल पुराने मामले में ग्राम नौव्वापुर निवासी रामपाल को पांच सौ रुपये का जुर्माना और अदालत उठने तक की हिरासत की सजा सुनाई है। दिन भर बैठाने के बाद अदालत ने जुर्माना लेकर आरोपी को छोड़ दिया है।