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Lakhimpur Kheri News: छह दिन बाद दर्ज हुआ विधायक की तहरीर पर मुकदमा

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लखीमपुर खीरी। छह दिन की हीलाहवाली के बाद मंगलवार देर रात पुलिस ने चर्चित थप्पड़ कांड में सदर विधायक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
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मुकदमे में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह, उनकी पत्नी लखीमपुर अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की निवर्तमान अध्यक्ष पुष्पा सिंह के अलावा जगन्नाथपुर थाना फरधान के मूल निवासी व फिलहाल शहर के मोहल्ला कमलापुर में रहने वाले संग्राम सिंह और थाना नीमगांव के ग्राम बहादुरपुर निवासी नीरज सिंह को नामजद करने के साथ ही 30- 40 अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।

नौ अक्तूबर को लखीमपुर अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की प्रबंध समिति के चुनाव के लिए डेलीगेट के पदों की नामांकन प्रक्रिया बैंक के आवास विकास कॉलोनी स्थित प्रधान कार्यालय में चल रही थी। वहीं पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह ने सदर विधायक योगेश वर्मा को थप्पड़ जड़ दिया था। इस घटना को लेकर बैंक के बाहर शाम तक काफी बवाल हुआ था।
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आईजी प्रशांत कुमार (द्वितीय) को लखीमपुर आकर हालात संभालने पड़े थे। इसके बाद 10 अक्तूबर को विधायक ने पुलिस को तहरीर दी थी, पर मुकदमा नहीं लिखा गया। 11 अक्तूबर को विधायक के समर्थन में जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन हुआ। तब एसपी ने दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जो पूरा नहीं हुआ।
14 अक्तूबर को सदर विधायक योगेश वर्मा ने लखनऊ जाकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। तब उसी रात भारतीय जनता पार्टी से अवधेश सिंह, पुष्पा सिंह समेत चार लोगों को निष्कासित कर दिया गया था। इसके साथ ही मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी लखीमपुर पुलिस को दिए गए थे, पर पुलिस ने 15 अक्टूबर को सुबह से शाम तक उच्च अधिकारियों से निर्देश न मिलने का हवाला देते हुए रिपोर्ट नहीं दर्ज की। इसके बाद देर रात रिपोर्ट दर्ज की गई।

तहरीर में विधायक ने कहा

पुलिस को दी गई तहरीर में सदर विधायक योगेश वर्मा ने कहा है कि वह नौ अक्टूबर को अपने पटेल नगर स्थित कार्यालय पर बैठे थे। तभी उन्हें सूचना मिली कि अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के डेलीगेट चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी चल रही है। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक राजू अग्रवाल डेलीगेट पद के नामांकन के लिए पर्चा खरीदने गए थे।
पुष्पा सिंह और अवधेश सिंह ने उनका पर्चा छीन कर फाड़ दिया है और मारपीट की है। पुष्पा सिंह ने राजू अग्रवाल के हाथ में मुंह से काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी सोने की चेन भी छीन ली गई। यह सूचना भी मिली कि अवधेश सिंह व पुष्पा सिंह के साथ 30- 40 अन्य अराजक तत्व डेलीगेट के कई प्रत्याशियों के पर्चे छीन कर फाड़ रहे हैं और मारपीट कर रहे हैं।
जब विधायक बैंक पहुंचे तो देखा कि पुष्पा सिंह और उनके पति अवधेश सिंह, 30- 40 लोगों के साथ झुंड बनाकर खड़े हैं और प्रत्याशियों के पर्चे छीने जा रहे हैं। विधायक योगेश वर्मा ने विरोध किया तो अवधेश सिंह ने उन पर जान से मार डालने की नीयत से हमला कर दिया। अवधेश के साथी संग्राम सिंह और नीरज सिंह ने पीछे से विधायक के सिर पर हमला कर दिया।
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विधायक को बचाने आए उनके साथी हेमंत गुप्ता को भी उक्त लोगों ने लात-घूसों से पीटा। तभी पुलिस और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। तब हमलावर जान से मार डालने की धमकी देते हुए भाग गए। विधायक ने तहरीर में यह भी कहा है कि इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हैं। उन्होंने तहरीर के साथ ही घटना के वीडियो भी पुलिस को दिए हैं।

बीएनएस की इन धाराओं में दर्द हुआ मुकदमा

189 (2)-विधि विरुद्ध जमावड़ा। 115 (2)-चोट पहुंचाना। 351 (2)-धमकी। 352-उकसाना। 131-हमला करना। 304 (1)-छीना झपटी।
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