ममरी (लखीमपुर खीरी)। हैदराबाद थाना क्षेत्र के देवीपुर गांव में मंगलवार शाम को मां और बेटी की धारदार हथियार से गला काटकर हुई हत्या के मामले में पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्यारे वारदात से पहले घर में खाली हाथ घुसे थे। दरअसल हत्या में जिस कुल्हाड़ी और गन्ना काटने वाले गड़ासे का इस्तेमाल किया गया, वह उसी घर से लिया गया। पीड़ित परिवार ने हथियारों की पहचान की। पुलिस ने खून से सने दोनों हथियार मौके से बरामद कर लिए हैं। फोरेंसिक टीम ने उनसे फिंगर प्रिंट लिए और अन्य साक्ष्य जुटाए।
पुलिस का मानना है कि हत्यारोपियों को इस बात की पूरी जानकारी थी कि वारदात के समय वहां पर कुल्हाड़ी और गड़ासा मिल जाएगा। वह हथियार लेकर तैयारी से नहीं आए थे। पुलिस अब इन सवालों से जूझ रही है कि हत्यारोपी वारदात में इस्तेमाल हथियार मौके पर ही क्यों छोड़ गए? क्या उन्हें छिपाने का मौका नहीं मिला? या वह इस बात से अंजान थे कि फिंटर प्रिंट से उनकी पहचान हो सकती है? उधर, पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
गांव के लोगों पर जताया शक
थाना पसगवां क्षेत्र के गांव ककराही निवासी सरस्वती देवी (60) अपनी दिव्यांग पुत्री पूनम देवी (40) को लेकर देवीपुर में दामाद सुरेंद्र कुमार के घर करीब 10 साल से रह रही थीं। सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह पत्नी के साथ प्रसादपुर के बाजार में गोलगप्पे की दुकान लगाने गया था। उसकी सास सरस्वती देवी और साली पूनम घर पर थीं। शाम करीब सात बजे जब वे लौटे तो दोनों के खून से लथपथ शव घर के भीतर पड़े मिले। सुरेंद्र कुमार ने हत्या के पीछे गांव के ही कुछ लोगों पर शक जताया है। उसका कहना है कि घटना को अंजाम देकर आरोपियों ने उसे संगीन केस में फंसाने की साजिश रची है। प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान यादव ने बताया कि सुरेंद्र कुमार की तहरीर के आधार पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
दोनों पर एक साथ हमले की आशंका
घटनास्थल पर मां बेटी के शव अलग अलग चारपाई पर पड़े मिले। मौके पर खून से सनी कुल्हाड़ी और गड़ासा भी मिला। इससे आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने दोनों हथियारों से एक साथ दोनों पर वार किया और मौत के घाट उतार दिया। इसी वजह से दोनों हथियारों पर खून सना मिला। इस बिंदु के आधार पर पुलिस को शक है कि हमलावर कम से कम दो या दो से अधिक रहे होंगे।
दो बीघा जमीन हत्या की वजह तो नहीं
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सरस्वती देवी के नाम ककराही में नौ बीघा जमीन थी। इसमें से करीब सात बीघे जमीन की दो किस्तों में बिक्री हो चुकी है। अभी दो बीघा जमीन बची है। पुलिस को शक है कि वृद्धा और उसकी बेटी की हत्या इसी जमीन के लालच में हो सकती है, क्योंकि वृद्धा के कोई पुत्र नहीं है। तीन बेटियां थीं। इसमें से एक बेटी की वर्षों पूर्व मृत्यु हो गई है।