लखीमपुर खीरी। जिले में पिछले दस सालों में करीब 22 प्रतिशत की आबादी में बढ़ोतरी हुई है। साल 2011 में जिले की आबादी जहां 40,21,243 थी, वहीं यह अब पिछले दस साल में बढ़कर करीब 48,93,022 हो गई है।
हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जानकारी देकर हम दो हमारे दो के लिए जागरूक करना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई योजनाएं चलाकर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद आबादी थमने की बजाय साल दर साल बढ़ती जा रही है। साल 2001 में जिले की आबादी 32,07232 थी, जो 2011 में बढ़कर 40,21,243 हो गई। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण 2021 में जनगणना नहीं हो सकी है। मगर, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले की अनुमानित आबादी 48,93,022 पहुंच गई है।
31 जुलाई तक चलेगा जनसंख्या पखवाड़ा
जिले में 11 जुलाई यानि आज से विश्व जनसंख्या पखवाड़ा शुरू होगा। जो 30 जुलाई तक मनाया जाएगा। परिवार नियोजन प्रबंधक पद्माकर त्रिपाठी ने बताया कि पखवाड़े में जिन लोगों के दो बच्चे हो चुके हैं, उन्हें स्थाई नसबंदी की सलाह दी जाएगी। जिन लोगों के एक बच्चा हैं, उनको अंतरा, छाया, आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में नसबंदी कराने के लिए पुरूष भी आगे आए हैं।
नसबंदी के मामले में थम रहे पुरुषों के कदम
नसबंदी के मामले में पुरूषों की संख्या में इजाफा तो हुआ है, लेकिन लक्ष्य पूरा अभी भी नहीं हो पा रहा है। पिछले दो साल से पुरुष नसबंदी का सालाना लक्ष्य 24 निर्धारित है। मगर, साल 2021-22 में 22, साल 2022-23 में 20 पुरुषों की ही स्वास्थ्य विभाग नसबंदी करवा सका। वहीं पिछले 90 दिन में सिर्फ चार पुरुष की नसबंदी के लिए आगे आए हैं।
जनगणना- जनसंख्या- पुरूष- महिला
वर्ष 2001-3207232-1713908-1493324
वर्ष 2011- 4021243-2123187-1898056