फुटपाथ पर पार्किंग का ठेका सिर्फ नगर पालिका की ओर से ही नहीं दिया जा रहा है, बल्कि शहर में निजी भवन स्वामियों ने भी सड़क पर पार्किंग बना दी है और लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं, जिससे जाम की स्थिति पैदा होती है लेकिन पुलिस और प्रशासन इनकी ओर नहीं देखता। शहर का शॉपिंग कांपलेक्स हो या होटल, किसी की अपनी पार्किंग नहीं है। फुटपाथ पर ही बनवाई गई पार्किंग में आने वाले वाहनों से वसूली की जाती है।
गौर करने वाली बात यह है कि शॉपिंग कांप्लेक्स, नर्सिंग होम या होटल के निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र से स्वीकृत होने वाले नक्शे में पार्किंग स्थल का भी जिक्र किया जाता है। भवन स्वामियों को इस बात का निर्देश दिया जाता है कि कामर्श्यल बिल्डिंगों के निर्माण के समय ही पार्किंग की जगह छोड़ दी जाए। जिससे वहां आने-जाने वाले लोगों को वाहनों को खड़ा करने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े लेकिन निर्माण के दौरान भवन स्वामी स्वीकृत किए गए नक्शे के विपरीत मनमाने ढंग से भवन का निर्माण कराता है। उसमें पार्किंग की जगह नहीं छोड़ी जाती है। नतीजतन नर्सिंग होम, शॉपिंग कांप्लेक्स और होटल स्वामी पार्किंग न बनाने का भी फायदा उठा रहे हैं। इससे एक तरफ भवन स्वामियों को लाखों रुपये की कमाई हो रही है तो लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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यहां प्रति वाहन हो रही 10 रुपये की वसूली
शहर के खीरी रोड स्थित एक नर्सिंग होम के सामने फुटपाथ पर पार्किंग बना दी गई है और बाकायदा बोर्ड लगाकर वहां आने वाले मरीजों और तीमारदारों को पार्किंग में ही वाहन खड़ा करने के लिए कहा गया है। इसके लिए वाहन मालिकों से 10 रुपये प्रति वाहन की वसूली की जा रही है।
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स्टेट बैंक के सामने घंटों लगता है जाम
अस्पताल रोड स्थित स्टेट बैंक के सामने वाहनों की पार्किंग के लिए जगह नहीं है। यहां लोगों के वाहन फुटपाथ पर ही खड़े होते हैं। गनीमत यह है कि यहां वाहनों को खड़ा करने के लिए फीस नहीं वसूली जाती, लेकिन सबसे व्यस्त रहने वाली इस मुख्य सड़क पर दर्जनों वाहनों के खड़े होने से लोगों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
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कोट...
जिन नर्सिंग होम और शॉपिंग मार्ट के सामने अवैध तरीके से पार्किंग का पैसा वसूला जा रहा है। सर्वे कराकर उन्हें चिह्नित किया जाएगा और नोटिस भेजकर कार्रवाई की जाएगी।
-अवनीन्द्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद-लखीमपुर।