बिजनौर के नजीबाबाद जंगल में मिला हाथी का मादा शिशु
लखीमपुर खीरी। दुधवा के पालतू हाथियों के परिवार में जल्द ही एक और नन्ही हथिनी शामिल होगी। बिजनौर जिले के नजीबाबाद के जंगल में अपनी मां से अलग होकर भटके जंगली हाथी के मादा शिशु को दुधवा टाइगर रिजर्व गोद लेगा। इस नन्ही हथिनी की कहानी बहुत कुछ दुधवा की दुर्गा हथिनी से मिलती है। इसे बिजनौर से दुधवा लाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
वनाधिकारियों के मुताबिक- आने वाली नन्ही हथिनी दुर्गा की तरह ही बिजनौर जिले के जंगल से रेस्क्यू की गई है। इसकी उम्र भी महज दो या तीन माह की है। दुर्गा को पांच साल पहले नौ अक्टूबर 2018 को शारदीय नवरात्र के दौरान ही दुधवा लाया गया था। रेस्क्यू के समय दुर्गा की उम्र भी महज दो या तीन माह थी। अब दुधवा टाइगर रिजर्व जिस नन्हीं हथिनी को गोद लेने जा रहा है वह बिजनौर जिले के नजीबाबाद के जंगल से रेस्क्यू की गई है, जबकि दुर्गा को बिजनौर के अमानगढ़ के जंगल से रेस्क्यू किया गया था। वह भी अपनी मां से अलग होकर भूखी प्यासी भटक रही थी। अब दुर्गा पांच साल की हो चुकी है और सबकी लाड़ली है।
बरेली के वन संरक्षक विजय सिंह ने बताया कि बिजनौर जिले के नजीबाबाद के जंगल से दो-तीन माह का मादा शिशु लावारिश अवस्था में भटकता मिला था। वनकर्मियों ने इसकी निगरानी करते हुए इसकी मां के आने का इंतजार किया। काफी इंतजार के बाद भी बच्चे की मां उसके पास नहीं आई तो वनकर्मियों ने मादा हाथी की तलाश कर बच्चे को उससे मिलाने की कोशिश की, लेकिन मादा हाथी का कहीं पता नहीं चला। फिर इसे रेंज कार्यालय में लाकर रखा गया और उसे दूध पिलाकर पालन पोषण शुरू किया गया। साथ ही इसकी जानकारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक को दी गई। उनसे अनुरोध किया गया कि इसे अच्छे पालन पोषण के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व भेजने की अनुमति दी जाए। (संवाद)
शारदीय नवरात्र में दुधवा आ सकता है नन्हा मेहमान
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक से अनुमति मिलते ही दुधवा से महावतों और अधिकारियों की एक टीम नन्हीं हथिनी को लेने के लिए बिजनौर रवाना होगी। मादा शिशु को एक विशेष वाहन से दुधवा लाया जाएगा। इसकी प्रशिक्षित और कुशल महावत की देखरेख में अच्छे पालन पोषण की व्यवस्था की जाएगी। इसके स्वागत के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हाथी परिवार में एक और शिशु शामिल होने से खुशी है।