लखीमपुर खीरी। शिक्षा विभाग कार्यालय से महज दस मीटर की दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय महराजनगर में भी तमाम सुविधाओं का अभाव है। यहां पर बच्चों के बैठने से लेकर पानी, शौचालय आदि की समस्याएं हैं। इसके अलावा शिक्षकों का भी अभाव है।
बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए भले ही तमाम योजनाएं संचालित हो रही हों, लेकिन स्कूलों की दशा सुधरने के बजाय बिगड़ती जा रही है। शहर के कई ऐसे स्कूल हैं, जहां पर मूलभूत सुविधाओं का अकाल है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय महराजनगर को एक ही भवन में संचालित किया जा रहा है। कार्यालय से बिल्कुल लगा हुआ स्कूल होने के बाद भी यहां पर गंदगी के अलावा शौचालय में ताले लटके रहते हैं।
विद्यालय में शिक्षकों का भी टोटा है। महज एक शिक्षक के सहारे स्कूल में कक्षा एक से लेकर आठ तक की कक्षाएं संचालित कराई जा रही हैं, जबकि स्कूल में 268 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। विभागीय जानकारों की माने तो हर तीस बच्चे पर एक अध्यापक होने का नियम है। इस विद्यालय में आठ से दस शिक्षकों का स्टाफ होना चाहिए, लेकिन महज शिक्षक आरती चोपड़ा के कंधे पर स्कूल की जिम्मेदारी है। फिलहाल स्कूल के बच्चे मूलभूत सुविधाओं से वंचित दिखाई दे रहे हैं।
बच्चों को चिढ़ा रहा विद्यालय परिसर का खराब नल
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चे पानी के लिए इधर-उधर भागते फिरते रहते हैं। ऐसा नहीं है कि विद्यालय में सरकारी हैंडपंप न हों, लेकिन यह खराब है। हैंडपंप सही न होने के चलते कई बार बच्चे स्कूल परिसर से बाहर भी पानी पीने के लिए आते जाते दिखाई देते हैं। बाकी के समय मूकबधिर कैंप में लगे आरओ से काम चलाया जा रहा है।
वर्जन
पिछले बीएसए ने इस विद्यालय को गोद लिया था। हमारे पास रमियाबेहड़ का एक स्कूल है। स्कूलों की दशा को सुधारने के लिए शासन स्तर से कार्रवाई चल रही है। जल्द ही विद्यालय में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
- प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए
प्राथमिक विद्यालय महहराज नगर में धवस्त पेयजल व्यवस्था