मझगईं। क्षेत्र के झन्ना नाले पर बने जर्जर रपटा पुल पर भरे बाढ़ के पानी के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। ग्रामीणों व ग्राम प्रधान के जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर डीएम तक गुहार लगाने के बावजूद अब तक पुल की मरम्मत नहीं कराई गई।
पलिया-निघासन मार्ग से मझगईं के ईदगाह से कोठिया गांव को जाने वाला यही एकमात्र मार्ग है। इसकी दूरी करीब दो किलोमीटर है। गांव के रास्ते पर लगा खड़ंजे पर भी गड्ढों की भरमार है। रास्ते में झन्ना नाला पर पानी भर जाने से आवागमन बंद हो जाता था और ग्रामीणों को गंगापुरवा होकर पांच किलोमीटर लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला पंचायत ने पांच साल पहले यहां रपटा पुल का निर्माण कराया था, लेकिन कुछ ही वर्षों में यह पुल टूटकर रेलिंग विहीन हो गया। मरम्मत न होने से मार्ग पर भी गड्ढे हो गए।
अब बरसात के मौसम में पुल पर पानी भर जाने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। यहां कई बार ट्रैक्टर, बाइकें पलट चुकी हैं। यहां डनलप पलटने से दो भैंसों की मौत हो गई, लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। ग्रामीण नरेंद्र राना, हारून खान, मेराज खान, संदेश कुमार, नीरज कुमार, मुन्ना नाग, लल्लूराम, शारदा गौतम, रामासरे, नरेंद्र आदि लोगों ने डीएम से झन्ना नाला पर नए पुल का निर्माण कराने की मांग की है। वहीं, ग्राम प्रधान रमाशंकर जाटव ने बताया कि करीब दस साल से गन्ना विकास विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग, एसडीएम, डीएम समेत दर्जनों पत्राचार किए जा चुके हैं, लेकिन पुल का निर्माण कराने के लिए किसी ने जहमत तक नहीं उठाई। संवाद