बिजुआ। गांव मिट्ठूटांडा निवासी कक्षा आठ की नाबालिग छात्रा की शादी दौलतापुर गांव के लड़के से जबरन करा दी गई। लड़का और लड़की एक-दूसरे से फोन पर बात करते थे। लकड़ी के परिजनों ने इसी बात को लेकर कानूनी कारवाई की धमकी दी थी। बाल विवाह दोनों गांवों के प्रधानाें की मौजूदगी में हुआ और पुलिस अनजान बनी है।
भीरा के मिट्ठूटांडा गांव निवासी कक्षा आठ में पढ़ने वाली लड़की की रिश्तेदारी में आने वाले दौलतापुर निवासी लड़के से जान-पहचान हो गई। दोनों ने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर लिया और बात करने लगे। इसी बीच लड़के की शादी दूसरी जगह तय हो गई। पता चलते ही लड़की के परिजनों ने लड़के पर अपनी लड़की से शादी का दबाव बनाना शुरू किया। मना करने पर बृहस्पतिवार को लड़की को जबरन लड़के वालों के घर छोड़ गए।
कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी और शादी का दबाव बनाया। लड़के ने परिजनों ने पंचायत बुलाई और दोनों तरफ से दोनों गांवों के प्रधान भी आए। बाद में लड़की और लड़के की शादी ग्राम पंचायत नौसर जोगी के बिलहरी बाबा स्थान पर करा दी गई। हालांकि लड़के के परिजन इस शादी से खुश नहीं है। भीरा थाना प्रभारी निराला तिवारी तथा बिजुआ चौकी प्रभारी जितेंद्र यादव ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जबकि मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।