गौरीफंटा। कोरोना को लेकर जहां एक ओर बॉर्डर पर हाई अलर्ट है तो वहीं गौरीफंटा बॉर्डर पर कोरोना को लेकर खास सतर्कता नहीं बरती जा रही है।
कोरोना के चलते स्वास्थ्य विभाग की तरफ से फॉर्मासिस्ट सहित दो लोगों की ड्यूटी लगाकर डेस्क की स्थापना की गई थी। लेकिन शुक्रवार को इस डेस्क में खासी कमियां देखने को मिलीं। स्वास्थ्य कैंप में उपकरण मास्क, सैनिटाइजर, ग्लब्ज सहित कोई भी उपकरण नहीं उपलब्ध है। केवल थर्मामीटर के सहारे ही चेक किया जा रहा है। इसके अलावा कैंप में डॉक्टर, महिला डॉक्टर, नर्स के साथ ही एंबुलेंस भी तैनात नहीं है। स्टॉफ अपने मनमाने ढंग से दस बजे के बाद कैंप पर पहुंचता है और शाम पांच बजे के बाद कैंप फिर से खाली हो जाता है। ऐसे में कोरोना के मरीज बढ़ने के बाद भी भारत की तरफ से बॉर्डर पर लापरवाही बरती जा रही है। वहीं कैंप लगाकर केवल खानापूरी की जा रही है।