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Lakhimpur Kheri News: नाव से सफर बस कुछ और माह... जल्द बनेगा देबराघाट पुल

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नाव पर बाइक और अन्य सामान लेकर नदी पार आवागमन को मजबूर ग्रामीण
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लखीमपुर खीरी/खमरिया। ईसानगर ब्लॉक के वीरान पड़े गांव देबर में जल्द ही खुशहाली लौटने की उम्मीद है। शारदा नदी पर बनने वाले देबर पुल के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद 31 मार्च को पांच करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है। 1,751 मीटर लंबे इस पुल को बनाने में करीब 16.74 करोड़ की लागत आएगी। इससे लखीमपुर से सीतापुर जाने की दूरी 40 किलोमीटर से घटकर महज सात किलोमीटर तक रह जाएगी। अभी नदी पार करने के लिए ग्रामीण लकड़ी की नाव का सहारा लेते हैं।
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जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर धौरहरा विधानसभा के ब्लॉक ईसानगर के गांव देबर में नदी के उस पार सीतापुर के कई गांवों के आवागमन के लिए लकड़ी की नाव ही एक मात्र साधन है। यदि सड़क मार्ग से जाया जाय तो यह दूरी 40 किलोमीटर से भी ज्यादा पड़ती है। खीरी जिले में नदी के इस पार देबर गांव है तो नदी के उस पार अकबरपुर रायपुर है। ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के देबरघाट पर पुल बनने से आसपास की जनता को काफी लाभ होगा।
अभी तंबौर जाने के लिए खमरिया, मतवा होकर जाना पड़ता है। यह दूरी 50 किलोमीटर से भी ज्यादा हो जाती है। पुल बनने से कई गांवों की करीब पांच लाख की आबादी सीधे लाभान्वित होगी। ग्रामीण जब्बार, मुरली व हरीश ने बताया कि उनकी जमीनें नदी पार भी हैं। ऐसे में खेत की देखरेख करने में बड़ी समस्या होती है। सबसे ज्यादा परेशानी बारिश से होती है। वैसे तो नदी सब कुछ बर्बाद कर देती है, लेकिन पुल बनने से बड़ी राहत मिलेगी।
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देबर पुल बनने से लखीमपुर-सीतापुर के बीच घट जाएगी दूरी
देबरघाट पुल जनपद के धौरहरा, सिसैया, हसनपुर कटौली होते हुए लखीमपुर बहराइच मार्ग से और सीतापुर की तरफ से लहरपुर-तंबौर मार्ग होते हुए तंबौर-रेऊसा मार्ग से जुड़ जाएगा। इससे सड़क मार्ग का ग्रामीणों का करीब 40-50 किलोमीटर का सफर महज सात किलोमीटर का रह जाएगा। सिसैया कलां, तंबौर, अकबरपुर, रायपुर, फूलपुर, लखानीपुर, ईसागर, ईसापुर, गोपालपुर, कमाना, बिसवां खुर्द, मानपुर, मल्लापुर, तरजगंज, हरिहरपुर, धवनियां, बेलदवा, अटकी, चहलुआ रमवापुर, बेहटा, फत्तेपुर, खमरिया, चतेला, बदरिया, रमुआपुर, माखू बेहर, सुमाली, सपाहा, नानुही, परेई, गौहानिया, बेलवा, सेमरिया, हरखी बेहर, चांदी, भानपुर, औरंगाबाद समेत सैकड़ों गांवों की पांच लाख की आबादी लाभान्वित होगी।
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