लखीमपुर खीरी। दुधवा के बाघों की दहाड़ और छोटी काशी में बम-बम भोले के जयकारों की गूंज से उठने वाली चुनावी हवा का रुख सोमवार को खीरी और धौरहरा लोकसभा सीट के 28.66 लाख मतदाता तय करेंगे। एक दशक से खीरी और धौरहरा सीट पर काबिज भाजपा के समक्ष गढ़ बचाने की चुनौती है। वहीं, सपा-बसपा इन दोनों सीटों पर सेंधमारी के प्रयास में है।
पलिया, निघासन, गोला, श्रीनगर और लखीमपुर सदर विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर बनी खीरी लोकसभा सीट पर बीते एक दशक से भाजपा काबिज है। जिले की धौरहरा, कस्ता, मोहम्मदी और सीतापुर जिले की महोली व हरगांव विधानसभा से मिलकर बनी धौरहरा लोकसभा सीट पर भी भाजपा का कब्जा है।
पार्टी ने इस बार भी अपने पुराने उम्मीदवारों पर ही दांव आजमाया है। जबकि गठबंधन में खीरी और धौरहरा सीट सपा के खाते में गई है। बसपा ने भी दोनों सीट से अपने प्रत्याशी उतारे हैं। तीनों प्रमुख दलों ने जातीय समीकरणों को ध्यान में रखा और स्थानीय मुद्दों का गुणा-भाग भी किया है। अपने-अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए जोर-आजमाइश भी की गई है। संवाद
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मोदी-योगी, अमित शाह और मायावती-अखिलेश ने की रैली
खीरी और धौरहरा सीट के भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रैली की। प्रधानमंत्री ने सीतापुर जिले के हरगांव में चुनावी सभा को संबोधित किया। हरगांव क्षेत्र धौरहरा लोस सीट का हिस्सा है। केंद्रीय गृहमंत्री ने शहर के जीआईसी मैदान और मुख्यमंत्री ने गोला व मोहम्मदी में चुनावी सभा की। बसपा सुप्रीमाे मायावती ने शहर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान की सभा कर चुनावी समीकरण साधे। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहर के जीआईसी मैदान और कस्ता में सभा का उम्मीदवार को जिताने की जोर-आजमाईश की।
धौरहरा सीट के जातिगत आंकड़े
पासी-जाटव व अन्य- 3.10 लाख
ब्राह्णण - 2.40 लाख
मुस्लिम - 2.20 लाख
क्षत्रिय व कुर्मी- 2.50 लाख
यादव, लोध व अन्य - 2.75 लाख के करीब
खीरी सीट के आंकड़े
कुर्मी और अन्य ओबीसी- सात लाख
दलित - 2.50 लाख
मुस्लिम - 2.60 लाख
ब्राह्मण - 03 लाख से अधिक
सिख - एक लाख के करीब
(नोट : दोनों लोकसभा सीट के यह आंकड़े अलग-अलग दलों के अनुमान पर आधारित हैं।)
खीरी-धौरहरा सीट के पांच प्रमुख मुद्दे
बाढ़ से नुकसान, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, उच्च शिक्षा के नाकाफी इंतजाम, मानव-वन्य जीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं और लड़खड़ाती परिवहन व्यवस्था जिले के पांच प्रमुख मुद्दों में शामिल है। इसके अलावा शहर से गांवों तक घूमते छुट्टा पशु और ग्रामीण इलाके की खस्ताहाल सड़कें भी समस्याओं में शामिल हैं।
प्रत्याशियों के जातीय समीकरण
भाजपा - ब्राह्मण और कुर्मी
सपा - कुर्मी और यादव
बसपा- ब्राह्मण और सिख