जीआरपी की ओर से दर्ज कराए मामले में अरविंद गिरी को 22 साल बाद मिली राहत
लखीमपुर खीरी। रेल रोको आंदोलन के दौरान जीआरपी की ओर से दर्ज कराए 22 साल पुराने मामले में भाजपा विधायक अरविंद गिरि को एसीजेएम कोर्ट से राहत मिली है। उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट अदालत ने मंगलवार को रद्द कर दिया है।
जीआरपी की ओर से दर्ज कराए गए 22 साल पुराने मामले में गोला से भाजपा विधायक अरविंद गिरि सहित 74 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में गैरहाजिर रहने पर एसीजेएम थर्ड मोना सिंह ने भाजपा विधायक अरविंद गिरि के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसी के साथ ही उनकी अदालत में अरविंद गिरि के खिलाफ तीन अन्य मामलों में सुनवाई चल रही है। मंगलवार को अरविंद गिरि अपने अधिवक्ता अवधेश सिंह के साथ एसीजेएम कोर्ट में हाजिर हुए और वारंट निरस्तीकरण किए जाने की प्रार्थना की। इस पर न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया। करीब एक घंटा अदालती कक्ष में कस्टडी में रखने के बाद अदालत में निजी मुचलका दाखिल करने पर सशर्त रिहाई दी। अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया संबंधित मामले में गवाह नहीं आ सके हैं जिस पर अदालत में अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है।
एक में गिरफ्तारी की कार्यवाही तो दूसरे में वारंट वापस
एसीजेएम थर्ड मोना सिंह की अदालत में भाजपा विधायक अरविंद गिरि के खिलाफ मारपीट के दो मामले और वन विभाग का एक मुकदमा के साथ ही जीआरपी का मुकदमा लंबित चल रहा है। इसमें वन विभाग वाले मामले में अदालत एसपी खीरी को पत्र लिखते हुए अरविंद गिरि की गिरफ्तारी के आदेश दे चुकी है तो वहीं जीआरपी वाले मामले में अरविंद गिरि को कस्टडी में रखने के बाद अदालत ने मुचलके पर रिहाई के आदेश दे दिए।
21 साल पुराने जानलेवा हमले में तलब किए गए अरविंद गिरि
लखीमपुर खीरी। युवक को गोली मारकर जानलेवा हमले के 21 साल पुराने मामले में एडीजे रामेंद्र कुमार ने भाजपा विधायक अरविंद गिरि को अभियुक्त के रूप में तलब किया है। उन्हें 6 अगस्त को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया गया है।
एडीजीसी कपिल कटियार ने बताया कि गोला कस्बे के रहने वाले वीरेंद्र गुप्त पर 9 अगस्त 2001 ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें एक फायर वीरेंद्र गुप्ता को बाएं हाथ और बगल में लगी थी। मौके पर मौजूद विनय तिवारी और सुनील पांडे ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराकर किसी तरह वीरेंद्र गुप्त की जान बचाई थी। अदालती सुनवाई के दौरान चोटिल वीरेंद्र गुप्ता ने भाजपा विधायक अरविंद गिरि, उनके भाई अजय गिरि, धर्मेंद्र गिरि, भतीजे कन्हैया गिरि, विनय सिंह और विश्वनाथ सिंह के खिलाफ बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद अदालत में 319 का प्रार्थना पत्र देते हुए भाजपा विधायक अरविंद गिरि को भी तलब कर दंडित करने की बात कही। अभियोजन की ओर से दिए गए तलबी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद एडीजे रामेंद्र कुमार ने प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाते हुए भाजपा विधायक अरविंद गिरि को आरोपी के रूप में तलब करते हुए 6 अगस्त को पेश होने का आदेश दिया है। उनके खिलाफ गोला पुलिस को समन भेजा गया है।