लखीमपुर खीरी। भैयादूज पूजन के बाद रोडवेज बस अड्डे पर मुसाफिरों की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे बस अड्डे पर बसों की संख्या कम पड़ गई। सबसे ज्यादा दिक्कत बहनों को उठानी पड़ी। गंतव्य तक जाने के लिए बहनें काफी देर तक बस की प्रतीक्षा करती रहीं।
हालात यह बन गए कि बस के आते ही उसमें सीट पाने के लिए यात्रियों में जद्दोजहद मच जाती है। बस में बैठने की खातिर तमाम मुसाफिर खिड़कियों के रास्ते सामान अंदर भेजकर सीट घेरते दिखे। यात्रियों को सुविधा जनक सफर कराने के लिए डिपो प्रशासन की ओर से की गई तमाम तैयारियां धरी रह गईं।
पांच दिवसीय त्योहार भैयादूज के साथ बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। इसके बाद त्योहार मनाने के लिए घर आने वालों ने कार्यस्थल के लिए जाना शुरू कर दिया। उधर, भैयादूज पर टीका करने के लिए भाईयों व बहनों का आवागमन होने से दोपहर बाद बस अड्डे पर भारी संख्या में यात्री उमड़ पड़े। इससे बस अड्डे पर बसों की संख्या कम पड़ गई। ऐसे में बस का इंतजार करने के लिए यात्री काफी देर तक बस की प्रतीक्षा में बैठे रहे।
फेरे बढ़ाए, फिर भी कम नहीं हुई दुश्वारियां
एआरएम ने यात्रियों की भीड़ को लेकर बसों के फेरे बढ़ा दिए, लेकिन बृहस्पतिवार को कुछ बसों में तकनीकी दिक्कत आने से उनका संचालन नहीं हो सका। ऐसे में बसों की संख्या और कम हो जाना यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया। ऐसे में जो भी बस अड्डा पहुंचती, वहां मौजूद मुसाफिरों में से आधे से भी कम उसमें बैठ पाते। ऐसे में धौरहरा, लखनऊ एवं खमरिया रूट के यात्री काफी देर तक बस आने की प्रतीक्षा करते रहे।
चालक परिचालकों की मनमानी बनी यात्रियों के लिए मुसीबत
प्रबंध निदेशक के निर्देेश के बावजूद चालक परिचालक मनमानी करते रहे। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्क्त गोला से लखीमपुर आने वाले मुसाफिरों को हुई। न तो परिचालक बसों को लखीमपुर बसअड्डे तक लेकर आए और न ही रास्ते में सवारियां बैठाई। लखीमपुर आने वाले यात्रियों को एलआरपी चौराहे पर उतारकर बस सीधे लखनऊ लेकर निकल गए। ऐसे में यात्री ई-रिक्शा कर शहर एवं बस अड्डा आने के लिए मजबूर हुए।
‘करीब 20 बसें चुनाव ड्यूटी में चली गई हैं। इसके बावजूद यात्रियों को गंतव्य तक भेजवाने के लिए बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। जो बसें बरेली और पीलीभीत के बीच चलती थी, उन्हें लखीमपुर तक बढ़ा दिया गया है। यदि चालक परिचालक मनमानी करते हैं तो यात्री इसकी शिकायत करें।’
- प्रेम शंकर, केंद्र प्रभारी गोला डिपो
‘यात्रियों को गंतव्य तक भेजवाने के लिए सभी बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। मुसाफिरों को यात्रा के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए उन्हें बस में बैठाने के लिए समस्त स्टाफ को लगाया गया है। जो भी बसें आती रहीं उनमें यात्रियों को बैठाकर गंतव्य तक भेजवाया जाता रहा।’
- जोगेंद्र सिंह, एआरएम लखीमपुर डिपो