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Lakhimpur Kheri News: दवाओं की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल का आयुष विभाग

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आयुष विभाग में   सूना पड़ा दवा काउंटर
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में चल रहे आयुष विभाग में दवाओं का टोटा है। कोविड काल के बाद से लगातार दवाओं की डिमांड भेजने के बाद भी अभी तक दवाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। पर्याप्त दवाएं न होने के चलते मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत यूनानी दवाओं को लेकर हो रही है। इस कारण अब मरीजों ने भी आना बंद कर दिया है।
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बीमारी के दौरान लगातार अंग्रेजी दवाओं का उपयोग करने मरीजों को तमाम तरह की अन्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसे में लोग अब आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं की तरफ रुख कर रहे हैं। जिला अस्पताल में आयुष विभाग बनाकर तीन डाक्टरों की तैनाती की गई है, जिसमें होम्योपैथिक, यूनानी और आयुर्वेदिक के चिकित्सक मरीजों का इलाज करते हैं।
शुरुआती दौर में विभाग को सभी प्रकार की दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गईं, लेकिन तीन साल से ज्यादा का समय बीतने को है, डिमांड के बाद भी दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। दवाएं न मिल पाने की वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि अस्पताल में यूनानी दवाओं का अकाल है। आयुर्वेदिक दवाएं भी न के बराबर उपलब्ध हैं।
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आयुष विभाग में तैनात डाक्टरों का कहना है कि हर महीने दवाओं की डिमांड सीएमओ कार्यालय भेज दी जाती है लेकिन कोविड काल के बाद से अभी तक आपूर्ति नहीं मिल पाई है। आयुष विभाग के प्रभारी डॉ. विजय वर्मा ने बताया कि डिमांड जा रही है लेकिन नई दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। हालांकि, जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं, उसी से काम चलाया जा रहा है।

महज दस से बीस मरीजों की हो रही ओपीडी
आयुष विभाग में दवाओं का अकाल होने की वजह से हर रोज महज दस से बीस मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सुबह आठ बजे से शुरू होने वाली ओपीडी दो बजे तक चलती है। डाक्टरों का कहना है कि शुरुआती दिनों में सौ से ज्यादा मरीजों की ओपीडी होती थी, लेकिन अब पर्याप्त दवाएं न होने की वजह से धीमे धीमे मरीजों की संख्या घटती जा रही है। हाल यह है कि सात दिनों की दवा देने के बजाय दो से तीन दिनों की ही दवा दी जा रही है।

दवाएं अब सीधे कॉरपोरेशन से आती हैं। कभी-कभी जिन दवाओं की ज्यादा जरूरत होती है, वह जेम पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होती हैं। इसी के चलते दिक्कतें आ रही हैं। आयुष विभाग के प्रभारी सीधे कॉरपोरेशन को दवाओं की डिमांड भेजते हैं। मुझे दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी नहीं है। दिखवाता हूं।
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- डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
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