- रुपये ट्रांसफर करने के लिए एकाउंट और मोबाइल नंबर भी भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। कुछ साल पहले सदर कोतवाली में बतौर कोतवाल तैनात रहे निरीक्षक दीपक शुक्ला की डीपी लगाकर व्हाट्सएप के जरिए कुछ लोगों से ठगी करने का प्रयास किया गया। रुपये मांगने से पहले उसने हाल पूछा, फिर एक काम होना बताया। इसके बाद सीधे जरूरी काम के लिए पैसे ट्रांसफर करने की फरमाइश कर दी। हालांकि नया नंबर होने से लोगों को समय रहते शक हो गया, जिससे जेब कटने से बच गई।
मोहल्ला काशीनगर निवासी देव श्रीवास्तव के व्हाट्सएप एकाउंट पर सुबह 11.16 बजे अज्ञात नंबर से मेसेज आया। हैलो के बाद कैसे हो पूछा तो देव ने डीपी में लगी फोटो को देखा। डीपी में पूर्व कोतवाल दीपक शुक्ला का फोटो लगा था, जिससे देव ने भी जवाब देकर दीपक शुक्ला का हाल पूछा। इसके बाद दीपक शुक्ला की फोटो लगाए व्यक्ति ने मेसेज लिखा कि एक काम था, फिर एक नंबर पर कुछ रुपये ट्रांसफर करने है कहा। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि कल मॉर्निंग में वापस कर दूंगा। इस पर देव ने एकाउंट नंबर मांगा तो उसने आईएफसी कोड सहित अपना एकाउंट नंबर भेजा, साथ ही 30 हजार रुपये भी लिखे। इतनी बड़ी रकम वह भी एक निरीक्षक द्वारा मांगे जाने पर देव श्रीवास्तव को शक हुआ।
देव ने उससे पूछा कि पुराना नंबर चल रहा है क्या, जिस पर उधर से जवाब नहीं आया। इतने रुपये की जरूरत पूछे जाने पर अज्ञात व्यक्ति ने लिखा कि अर्जेंट है। देव ने बताया कि पूर्व कोतवाली दीपक शुक्ला के पर्सनल नंबर पर फोन किया, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला। इससे यकीन हो गया कि कुछ गड़बड़ है। कुछ देर बाद पता चला कि कुछ और लोगों के व्हाट्सएप नंबर पर भी पूर्व कोतवाल दीपक शुक्ला की फोटो लगे नंबर से मेसेज करके रुपये मांगे गए हैं।
प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर मेसेज वायरल होने से जानकारी मिली है, लेकिन इस संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है।