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Lakhimpur Kheri News: सर्दी के साथ ही बढ़ने लगे अस्थमा- सांस के मरीज

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जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर लगी  मरीजों की भीड़ स्रोत: संवाद
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लखीमपुर खीरी। ठंड की शुरूआत होते ही अस्थमा, सांस एवं साइनस के रोगियों पर खतरा मंडराने लगा है। जिला अस्पताल में एक माह पहले जहां गिनती के दो चार मरीज ही आते थे, वहीं अब इनकी संख्या 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसके अलावा हृदयाघात भी लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। जिला अस्पताल में हृदय रोग का डॉक्टर न होने की वजह से मंगलवार को इमरजेंसी पहुंची महिला को लखनऊ रेफर कर दिया गया।
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ठंड का मौसम जितना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, अस्थमा से लेकर सांस, साइनस व दिल के मरीजों के लिए उतना ही खतरनाक रहता है। सर्दी शुरू होते ही बुजुर्गों में जोड़ों में दर्द, सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। ठंड में खून जमने से हृदय रोगियों की भी मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई हैं। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ने लगा है।
जिला अस्पताल के जिरियाट्रिक फिजिशियन डॉ. शिखर बाजपेई बताते हैं कि इन दिनों सांस लेने में दिक्कत, अस्थमा आदि के मरीजों की संख्या में 25 से 30 फीसदी इजाफा हुआ है। मंगलवार को ओपीडी में 34 मरीज आए, जिसमें से 10 से 12 बुजुर्ग सांस संबंधी बीमारी से ग्रसित थे।
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सूजन के कारण सिकुड़ जाती हैं सांस की नलियां
जिरियाट्रिक फिजिशियन बताते हैं कि सांस की नलियों में सूजन के कारण सांस की नलियां बहुत ज्यादा सिकु़ड़ जाती हैं, जिससे बलगम जैसा पदार्थ जमा होने लगता है। ये सांस लेने में नलियों को प्रभावित करता है। इससे अस्थमा के रोगियों को दिक्कत होने लगती है। सर्दियों में ठंडी हवाएं सांस की नलियों को और ज्यादा टाइट कर देती हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। अस्थमा रोगियों के फेफड़े और सांस लेने की नलियां बहुत संवेदनशील होती हैं। ठंडी- सूखी हवाओं ठंडे मौसम में वायरस होने से अस्थमा रोगियों को ज्यादा परेशानी हो जाती है।


हृदयरोग की समस्या बढ़ने का कारण
डॉ. रोहित पाठक बताते हैं कि सर्दी में ऑक्सीजन की कमी रहती है। इससे रक्त वाहनियां संकरी हो जाती हैं। इससे दिल के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है। ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, जो दिल के रोगियों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा कारण है। जिन लोगों का कॉलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है उनके लिए यह मौसम खतरनाक होता है। दिल के मरीजों में घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दबाव या जकड़न बढ़ जाती है। ऐसे में सांस फूलने की समस्या को नजरअंदाज न करें। ऐसा फेफड़ों में संक्रमण से भी हो सकती है।

हार्ट अटैक से ग्रसित महिला लखनऊ रेफर
हरगांव तहसील के गांव मलिहाबाद निवासी महेश की 50 वर्षीय पत्नी शिवदेवी को मंगलवार दोपहर दिल का दौरा पड़ा, आनन फानन में घरवाले जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। ईएमओ ने प्राथमिक उपचार कर शिव देवी को लखनऊ ले जाने की सलाह दी। इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने बताया कि अस्पताल में हार्ट का डॉक्टर न होने की वजह से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। उम्मीद से साथ आने वाले मरीजों को मजबूरन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर करना पड़ता है।
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इस तरह सेहत का रखें ध्यान
1. मौसमी फलों और हरी सब्जियां भरपूर मात्रा में खाएं
2. पानी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें।
3. शरीर का वजन न बढ़ने दें।
4. तनाव को दिमाग पर हावी न होने दें।
5. ठंड में कई परतों में गरम कपड़े पहनें।
6. सिर और मुंह को ढककर रखें।
7. सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से बचें।
8. नहाने और पीने में गुनगुने पानी का उपयोग करें।
9. घर में रहकर ही हल्का व्यायाम करें।
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