लखीमपुर खीरी। यूपीआई (एकीकृत भुगतान इंटरफेस) से किराया भुगतान की प्रक्रिया में नेटवर्क और अन्य समस्याएं बाधा बनीं तो परिवहन निगम को अपनी छवि का ख्याल आया है। दिक्कतों को दूर करने के बजाय अब यात्रियों की सहमति से ही यूपीआई भुगतान पर टिकट बनाने को कहा गया है।
दरअसल यूपीआई से भुगतान पर यात्री के बैंक खाते से किराए की धनराशि तो कट जाती थी, लेकिन टिकट नहीं मिल पाता था। इसकी वजह नेटवर्क व अन्य समस्याएं बताई जा रही हैं। इस समस्या और विवाद से बचने को परिवहन निगम ने यूपीआई से किराया भुगतान से पहले यात्री से बात करने और उनकी सहमति लेने को कहा है। एआरएम को पत्र जारी कर कहा कि सभी परिचालक यात्री को बता दें कि यूपीआई भुगतान से अगर किसी कारण वश टिकट नहीं मिल पाता तो नकद रुपये देकर टिकट लेना होगा। खाते से कटी धनराशि एक सप्ताह में वापस आ जाती है।
यह भी कहा कि टिकट न मिलने से हो रहे विवाद के कारण निगम की छवि खराब हो रही थी। एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि कई दिक्कतों के कारण यूपीआई से भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।