रोडवेज की बस में यात्रा करते यात्री। संवाद
लखीमपुर खीरी। पिछले दो दिनों से चालकों की हड़ताल से बेपटरी हुईं व्यवस्थाएं बुधवार को पटरी पर लौट आईं। मंगलवार की देर रात डीजल-पेट्रोल के टैंकर पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। इससे सुबह के समय हालत सामान्य नजर आए। उधर, रोडवेज बसें और सवारी वाहन चलने से यात्रियों काे राहत मिली। बस यूनियन के पदाधिकारियों ने भी बुधवार को चालकों से काम पर लौटने की अपील जारी की।
हिट एंड रन से जुड़े कानून में बदलाव के विरोध में नए वर्ष के पहले ही दिन वाहन चालक हड़ताल पर चले गए। गोला और लखीमपुर डिपो की 200 बसों समेत जिले में करीब पांच हजार वाहनों के पहिये थम गए थे। निजी बसें और प्राइवेट सवारी वाहन भी खड़े कर दिए थे। हड़ताल से यात्री बेहाल हो गए।
उधर, मंगलवार को शहर समेत जिले के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल खत्म हो गया। खबर फैलते ही पूरे जिले में अफरातफरी मच गई थी। पेट्रोल पंप पर जुट रही भीड़ को संभालने के लिए पुलिस तैनात करनी पड़ी। उधर, आवक रुकने से सब्जियों के दामों में भी उछाल देखा गया। मंगलवार की देर रात करीब 10 बजे चालकों की हड़ताल समाप्त होने के बाद हालत संभलने शुरू हुए। रात 12 बजे तक शहर के कई पेट्रोल पंपों पर टैंकर पहुंच गए। सुबह सभी पेट्रोल पंप पर हालत सामान्य नजर आए। सड़कों पर वाहन भी खड़े नजर नहीं आए।
रोडवेज के 40 हजार यात्रियों ने झेली दिक्कत
लखीमपुर और गोला डिपो की बसों में प्रतिदिन करीब 20 हजार यात्री सफर करते हैं। यह आंकड़ा घटता-बढ़ता रहता है। चालकों की हड़ताल से दो दिन में करीब 40 हजार यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दोनों डिपो को 40 लाख से ज्यादा का नुकसान भी हुआ। बुधवार सुबह 11 बजे बस अड्डे पर मौजूद यात्री काफी खुश नजर आए। दोपहर एक बजे एलआरपी चौराहे पर लखनऊ और शाहजहांपुर रूट की बसों में यात्री सफर करते दिखे। राजापुर चौराहे पर भी निजी सवारी वाहन और रोडवेज बसें खड़ी नजर आईं। मेला मैदान और पलिया बस अड्डे पर भी यात्री, बसों से यात्रा करते दिखे।
हड़ताल में भी नहीं थमे ओवरलोड गन्ना भरे ट्रकों के पहिये
चालकों की हड़ताल के समय भी जिले की सड़काें पर गन्ना भरे ओवरलोड ट्रक दौड़ते दिखे। पहले दिन तो यह वाहन कुछ कम नजर आए। मंगलवार को गन्ना भरे ट्रकों की आवाजाही अधिक दिखी। बुधवार की दोपहर एलआरपी चौराहे से गन्ना भरे ओवरलोड ट्रक गुजरते दिखे।