लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी में एक और बाघ मर गया। मैलानी रेंज में शुक्रवार सुबह बाघ का शव मिला। इससे वन विभाग और दुधवा के अधिकारियों में खलबली है। पिछले 10 दिनों के अंदर यह दूसरे बाघ की मौत है। इस दौरान एक तेंदुए की भी मौत हो चुकी है। पोस्टमार्टम के लिए शव आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। वहीं बाघ की मौत के बाद शुक्रवार रात वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार जांच को पहुंच गए हैं।
किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी (वन्यजीव विहार) रेंज की बीट संख्या 38 और कंपार्टमेंट नौ में गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम को कुकरगढ़ा तालाब के पानी में खड़ी नरकुल में एक बाघ का शव दिखाई दिया। शव देखने में करीब एक सप्ताह पुराना लगा रहा था। बाघ के सिर पर गहरा जख्म मिला है। साथ ही दूसरे बाघ के पंजे के गहरे घाव भी मिले हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दो बाघों की बीच हुई वर्चस्व की जंग में इस बाघ की मौत हुई होगी।
आपसी संघर्ष में मौत की आशंका
वन कर्मियों ने इसकी सूचना दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी बी. प्रभाकर और दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक डॉ रंगाराजू टी. को दी। सूचना मिलते ही दोनों अधिकारी मौके पर पहुंच गए और छानबीन शुरू कर दी। निरीक्षण के बाद फील्ड डाइरेक्टर ने बाघ की मौत किसी शक्तिशाली बाघ से संघर्ष के दौरान होने की आशंका जताई है। जांच में पाया गया कि बाघ के सभी अंग सुरक्षित हैं। मृत मिला बाघ नर है, उसकी उम्र 5 से 6 साल बताई जा रही है।
किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज कोरजोन में शुक्रवार सुबह कुकरगढ़ा तालाब के पानी के अंदर एक नर बाघ का शव बरामद हुआ है। शव की जांच के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्चस्व को लेकर दो बाघों में हुई जंग में मौत हुई होगी। बाघ के सभी अंग सुरक्षित मिले है। उसके सिर में गहरा जख्म और दूसरे बाघ के पंजे के गहरे निशान मिले हैं।- बी. प्रभाकर, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक / एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व