दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग में संचालित उत्तर प्रदेश सहभागी वन प्रबंध एवं निर्धनता उन्मूलन परियोजना के तहत ईको विकास समितियों के सचिवों एवं ऐनीमेटर्स का क्षमता विकास प्रशिक्षण के दूसरे दिन कोआर्डिनेटर माहे अंजुम एवं क्षेत्र स्तरीय कार्यकर्ता राजकुमार ने कई टिप्स दिए। इसके बाद ईओसी अखिलेश कुमार सिंह के निर्देशन में प्रतिभागियों को गत प्रशिक्षण दिवस में दिए गए प्रयोगात्मक कार्य पर तैयार किए गए प्रस्तुतीकरण का प्रतिभागियों ने प्रदर्शन किया। अखिलेश कुमार सिंह ने कार्य की तारीफ और जो कमियां थीं उनका उल्लेख किया। इस बारे में क्षेत्र समन्वयक अनुज सिंह ने गहन चर्चा की। बताया कि एक आदर्श ऐनीमेटर के अंदर क्या-क्या गुण होने चाहिए। जायका परियोजना विशेषज्ञ परवेज हनीफ ने वन एवं वन्य जीव संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर देते हुए वन एवं वन्य जीवों की मानव जीवन में महत्ता बताई। फील्ड निदेशक संजय सिंह ने जंगल के करीबी गांवों में मधुमक्खी पालन कर फसलों को जंगली हाथियों से बचाव की जानकारी देते हुए कहा कि दुधवा के करीबी गांवों के ग्रामीण पर्यटक विलेज स्टे के माध्यम से आकर सृजन भी कर सकते हैं। उपनिदेशक महावीर ने वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण में ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान पर जोर देते हुए संदिग्ध लोगों के दिखने पर सूचना देने का आह्वान किया। जायका परियोजना कार्यालय प्रभारी दुधवा टाइगर रिजर्व रमेश ने ग्राम स्तर पर अभिलेखों के रख-रखाव, पारदर्शिता आदि की जानकारी दी। मुख्य वन संरक्षक एवं उपनिदेशक ने प्रतिभागियों को यात्रा भत्ता एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। अंत में सौदामिनी सिंह और शीलू ने विदाई गीत गाया। प्रशिक्षण में विमल कुमार, हरद्वारी लाल, राजकुमार, अमन गोयल, अरविंद कुमार एवं समस्त ईको विकास समितियों के ऐनीमेटर एवं सचिव उपस्थित रहे।