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Lakhimpur Kheri News: बाढ़ के बाद अब आग का कहर, गोड़ियाना गांव में 35 घर जलकर राख

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आग में जला गोड़ियाना गांव
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सुदरवल/महेवागंज। धौरहरा क्षेत्र के गोड़ियाना गांव में मंगलवार रात अज्ञात कारणों से लगी आग ने 35 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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शारदानगर चौराहे से आधा किलोमीटर दूर शारदा तटबंध किनारे बसे गोड़ियाना गांव में मंगलवार रात रामचंद्र के घर में आग लग गई। बताया जाता है कि आग से रामचन्द्र के पड़ोसी कल्लू का घर भी जलने लगा। देखते ही देखते कलावती, संतोष, अशोक, अन्नू, नन्हकू, राममूर्ति, सोबरन, सतान, छोटेलाल, परसराम, रामकुमार, प्रकाश, शिवकुमार, रामलखन, राजेन्द्र, रामरूप, दिनेश, बिंद्रा, सुरेश, बीरबल, उर्मिला, ज्ञानश्री, फूलझारा, जगदंम्बा, राजेश, श्रीधर, रामनरेश, मन्नीलाल, गुड्डू, चमेली, प्रमोद, सुनील समेत पैंतीस घर जलकर राख हो गए।
हादसे के समय ग्रामीण जान बचाकर भागते नजर आए। आग लगने के बाद ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना के करीब एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने कर्मियों और ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाया। घटना में नकदी, जेवर व घर गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। हल्का लेखपाल ने गांव पहुंचकर अग्निकांड से हुए नुकसान का आंकलन किया।
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पहले बाढ़ और अब आग ने उजाड़ी गृहस्थी
महेवागंज/ सुंदरवल। गोड़ियाना गांव के लोगों के जख्म भरने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने पहले बाढ़ की त्रासदी झेली औैर अब आग ने जरूरत का सारा सामान जलाकर राख कर दिया। करीब दस वर्ष पहले शारदा नदी के कटान में गांव कट गया था। तहसील प्रशासन ने शारदानगर चौराहे व बस्ती के पूरब शारदा तटबंध किनारे जमीन देकर बसा दिया था। नदी में घर व जमीन जाने के बाद मजदूरी ही मात्र जरिया बचा था। एक दशक बीत जाने के बाद भी इन 80 परिवारों को आज भी छत नसीब नहीं हुई। नदी में जमीन कट जाने के बाद नदी में मछली मार कर और बाहर जाकर लोग अपना व बच्चों का पेट भरते रहे। घास फूस और गोंदी से छप्पर डालकर टटिया लगाकर सिर छुपा कर रहने को मजबूर है।

शादी की खुशियां भी हो गई राख
सुंदरवल। गोड़ियाना गांव निवासी शत्रोहन की बेटी पिंकी की शादी छह जून को थी। पूरे गांव में जश्न का माहौल था। घर मेहमानों से भरा था। इन खुशियों के बीच अचानक आग लग गई। जहां मंगलगीत गाए जा रहे थे वहां चीखने चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। बेटी की डोली विदा होने से पहले ही आग लगने से घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। मेहमानों के कपड़े और कीमती सामान भी जल गया। हादसे के बाद दुल्हन के चेहरे पर मायूसी है।

आग में जला गोड़ियाना गांव

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