लखीमपुर खीरी। अपर निदेशक स्वास्थ्य लखनऊ मंडल की फटकार के बाद महिला अस्पताल में रात में भी ऑपरेशन से प्रसव होने शुरू हो गए हैं। रविवार को पांच गर्भवतियों का प्रसव ऑपरेशन से हुआ। इसमें दो सीजर प्रसव रात में हुए। जबकि, इससे पहले लेबर रूट का स्टाफ तमाम समस्याएं बताकर गर्भवतियों को प्राइवेट में ऑपरेशन कराने की सलाह देकर चलता कर देते थे।
महिला अस्पताल में शनिवार रात पलिया सीएचसी से रेफर होकर आई एक गर्भवती महिला को लेबर रूम में मौजूद डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से यह कहकर मना दिया था कि दशहरा का अवकाश होने के कारण स्टाफ छुट्टी पर है। डॉक्टर की हीलाहवाली और गर्भवती की बिगड़ती हालत पर तीमारदारों ने शहर के एक निजी अस्पताल ले जाकर ऑपरेशन कराया था।
इस मामले की गूंज लखनऊ पहुंची थी। जांच करने के लिए एडी हेल्थ लखनऊ मंडल डॉ. सुनील भारती शनिवार को आए थे। उन्होंने महिला अस्पताल में शनिवार रात ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को फटकार लगाते हुए रात में सीजर करने के निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि रविवार और सोमवार को ऑपरेशन से रात में होने वाले प्रसव की संख्या की जानकारी देने के भी निर्देश दिए। एडी हेल्थ की फटकार के बाद रविवार को दिन में तीन और रात में दो प्रसव ऑपरेशन से कराए गए।
दलालों की सांठगांठ से नहीं होते ऑपरेशन
महिला अस्पताल में रात के समय ऑपरेशन न करने की वजह स्टाफ और संसाधन नहीं, बल्कि दलालों से सांठगांठ है। अस्पताल के ही लोग बताते है कि कुछ महिलाएं लेबर रूम से लेकर अस्पताल में घूमती रहती हैं। डॉक्टर के मना करने पर परेशान तीमारदार की मजबूरी का फायदा उठाकर निजी अस्पताल लेकर जाती है। जहां पर ऑपरेशन से प्रसव के लिए 40 से 50 हजार रुपये वसूल किए जाते हैं। इस रकम में सभी का कमीशन होता है।
डॉक्टर ने मेरे कहने के बाद भी ऑपरेशन नहीं किया। मामले में जवाब तलब किया जाएगा। रविवार को ऑपरेशन से पांच प्रसव हुए। इसमें तीन दिन की शिफ्ट में और दो रात की शिफ्ट में ऑपरेशन हुए हैं।
-डॉ. ज्योति मेहरोत्रा, सीएमएस महिला अस्पताल