लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को ड्रेस, जूता मोजा के लिए 1200 रुपये की धनराशि मुहैया कराई जाती है। यह धनराशि अभिभावकों के खातों में भेजी जाती है। डीबीटी के माध्यम से भेजी जाने वाली धनराशि के लिए बच्चे और अभिभावक का आधार अपडेट होना चाहिए। अब तक करीब 99 हजार के आस पास छात्र-छात्राओं के आधार लंबित हैं, इससे धनराशि पहुंचने में दिक्कत हो सकती है।
गर्मियों की छुट्टियों के बाद एक जुलाई से स्कूल अपने निर्धारित समय से खुलेंगे। बच्चे स्कूली बैग, जूते मोजे और ड्रेस में नजर आएं, इसके लिए हर साल डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये की धनराशि दी जाती है। डीबीटी के माध्यम से भेजी जाने वाली धनराशि को लेकर बच्चों का डाटा पोर्टल पर अपडेट कराया जा रहा है। 28 जून तक आधार का अपडेशन होना है।
जिले में अभी 99,206 ऐसे बच्चे हैं, जिनका आधार पोर्टल पर लंबित दिखाई दे रहा है। लिहाजा इन बच्चों को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद न के बराबर है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि निर्धारित समय में डाटा अपडेशन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो 4,43,233 छात्र-छात्राओं की सूची अपडेट की गई है। करीब 2474 बच्चों के आधार अपडेट नहीं किए गए हैं।
40,126 छात्र-छात्राओं के पास आधार ही नहीं हैं। विभाग ने कुल 3,56,418 छात्र-छात्राओं का आधार सत्यापन किया है। 3,38,611 ऐसे आधार हैं, जिन्हें अपडेट किया जा चुका है। माना जा रहा है कि एक जुलाई से पहली बार में तीन लाख से ज्यादा बच्चों को योजना का लाभ मिल जाएगा। वहीं बीईओ और शिक्षकों की लापरवाही से 99 हजार आधार कार्ड लंबित हैं।
शिक्षक स्तर से लंबित हैं 95,622 आधार
पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 95,622 आधार कार्ड ऐसे हैं, जो शिक्षक स्तर से लंबित हैं। इसके अलावा 2773 खंड शिक्षा अधिकारी और सबसे कम बीएसए स्तर से 811 छात्र-छात्राओं के आधार लंबित दिख रहे हैं। कुल मिलाकर इन्ही 99 हजार से ज्यादा बच्चों की धनराशि लटक सकती है।
-
पहले बैच में तीन लाख से ज्यादा बच्चों को जूता-मोजा की धनराशि भेज दी जाएगी। लंबित आधार को अपडेट किया जा रहा है। शिक्षकों को लापरवाही न करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए