लखीमपुर खीरी। हैंडपंप रिबोर करने के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आ चुका है। दो सचिवों को निलंबित करने के साथ ही दो फार्म को ब्लैकलिस्ट कर एफआईआर भी कराई जा चुकी है। 15 लाख रिकवरी कराई जा रही है। लेकिन, दो माह बीतने के बाद भी अन्य गांवों की जांच नहीं कराई जा रही।
घपलेबाजी की शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद धौरहरा ब्लॉक की 16 ग्राम पंचायतों की जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई थी। जांच में 13 ग्राम पंचायतों में बड़ा घोटाला सामने आया। हैंडपंप रिबोर के नाम पर बिना काम कराए 15 लाख से अधिक फर्जी बिल बाउचर लगाकर भुगतान पाया गया।
डीपीआरओ ने 13 प्रधान व संबंधित गांवों के सचिव से 15 लाख की वसूली आदेश जारी किए। मेसर्स अली वारिस और अली कॉन्ट्रैक्टर फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर एफआईआर दर्ज कराई गई। घोटाला सामने आने पर अफसरों ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जांच कराने की बात कही थी। लेकिन, दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी जांच तो दूर समिति तक गठित नहीं की गई है।
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इन गांवों में मिला था घोटाला
धौरहरा ब्लाक की ग्राम पंचायत रामलोक, केशवापुरखुर्द, महाराजनगर, केशवापुर कलां, घुरघुट्टाबुजुर्ग, शाहपुर, डिहुआकंला, जंगलवाली, अमेठी, मिर्जापुर, बबुरी, परसा एवं मटेहनी ग्राम पंचायत में हैंडपंप रीबोर के नाम पर घोटाला सामने आया था।
मनरेगा घोटाला में कार्रवाई नहीं
पिछले दिनों सीडीओ ने मनरेगा के कार्यों की जांच कराई। जांच में कई ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी पाई गई है। मस्टररोल में अधिक मजदूर दर्ज होना पाया गया, लेकिन काम के दौरान कम मिले। गड़बड़ी पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की बात कहीं गई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
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पिछले दिनों धौरहरा के 13 ग्राम पंचायतों की जांच में हैड़पंप रिबोर में बड़ी गड़बड़ी मिली थी। इस पर दो फार्म को ब्लैक लिस्ट, पांच सचिव निलंबित और सभी प्रधान व सचिवों पर 16 लाख की रिकवरी बनी थी। जल्द ही अन्य गांवों की भी जांच कराई जाएगी।
-अभिषेक कुमार, सीडीओ