प्रथम दृष्टया सांस न ले पाने के कारण दम घुटने से मौत होने की आशंका
बांकेगंज। किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज में मिले जंगली हाथी के नवजात शिशु के शव का सोमवार को तीन पशु चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण बहुत स्पष्ट नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि सांस न ले पाने के कारण नवजात की मौत हुई है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी के अंतर्गत मैलानी रेंज के कुकरगढ़ा तालाब के निकट नेपाल से आए जंगली हाथियों के झुंड में से एक मादा हाथी के नवजात का शव रविवार की सुबह देखा गया था। शव के इर्द-गिर्द कुछ हाथी लगातार खड़े रहे थे, जिससे वन विभाग शव उठा नहीं सका था। शाम चार बजे के करीब जब हाथी शव को छोड़कर चले गए, तब निगरानी कर रही वन विभाग की टीम ने उसे कब्जे में ले लिया और पलिया स्थित दुधवा मुख्यालय ले गए। जहां सोमवार की सुबह तीन डॉक्टरों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। पैनल में दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, संपूर्णानगर पशु चिकित्सालय के डॉ. अरविंद कुमार और सूंडा के डॉ. बाबूराम निगम शामिल थे।
पशु चिकित्सकों के मुताबिक, हाथी के बच्चे की जीभ बाहर निकली हुई थी। उसके शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं हैं। मौत का स्पष्ट कारण पता लगाने के लिए नवजात का बिसरा जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम के दौरान दुधवा नेशनल पार्क उपनिदेशक पीके पांडेय, किशनपुर सेंक्चुरी वार्डेन एसके अमरेश, प्रभारी रेंजर शत्रोहन लाल, फॉरेस्टर जगदीश प्रसाद राणा मौजूद रहे।
रविवार को मिले हाथी के नर नवजात का सोमवार सुबह तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। साथ ही जांच के लिए बिसरा आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। फिलहाल, मौत का कारण सांस न ले पाने से दम घुटना हो सकता है।
- संजय पाठक, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व