बिजुआ। क्षेत्र के ग्राम पंचायत रमेश्वरापुर के मजरा दंबलटांडा से लेकर रैनागंज तक शारदा नदी पर बने परियोजना तटबंध कट गया। इससे नदी किनारे की करीब 1500 किसानों की 900 एकड़ कृषि योग्य भूमि डूब गई। गन्ना, धान समेत अन्य फसलें थीं। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से लगातार फसलें खराब हो रही हैं, फसलें बर्बाद होने से किसानों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है।
दंबलटांडा में 2017 में आठ करोड़ रुपये की लागत से शारदा नदी पर तटबंध बनवाया गया था, जो लगातार बाढ़ सहते सहते कट गया है। ग्रामीणों ने तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है। लगातार पानी भरा रहने से फसलें खराब हो रही हैं। 2017 में आठ करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए शारदा नदी पर तटबंध की मरम्मत दोबारा से कराने को धनराशि मंजूर नहीं हुई।
इससे मरम्मत के अभाव में धीरे-धीरे कटान होता रहा। शारदा नदी के किनारे के खेतों में फसलें बर्बाद हो रही हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्राम प्रधान रमेश्वरापुर हर्षदीप सिंह ने बताया कि अगर रेवतीपुरवा व दंबलटांडा दोनों परियोजनाओं की मरम्मत हो जाती है तो किसानों की फसलों को बाढ़ के पानी से बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।
बांध कट जाने से 900 एकड़ जमीन जलमग्न हो गई है। दंबल टांडा, रैनागंज, रामनगर, रेवतीपुरवा, बझेडा, दुबहा, नरायनपुरवा आदि गांवों में पानी घुस रहा है।