लखीमपुर खीरी। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिलाने के लिए दूसरे चरण में 30 मार्च तक 891 अभिभावकों ने आवेदन किया। इसमें 363 को बच्चों को स्कूल आवंटित कर दिया गया है। सत्यापन में 439 आवेदन पात्र पाए गए। अन्य निरस्त हो गए।
जिले के गरीब बच्चों को भी निजी स्कूलों में प्रवेश मिले, इसके लिए आरटीई योजना चलाई जा रही है। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि इस बार चार चरणों में यह प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है। पहले चरण में 390 बच्चों को प्रवेश दिलाया गया है, इसमें 954 के आवेदन आए थे। दूसरे चरण में 891 आवेदन हुए। सत्यापन के बाद 363 को बच्चों को स्कूल एलॉट किया गया है। वहीं 439 आवेदन पात्र मिले। बीएसए ने बताया कि सोमवार को दूसरे चरण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। तीसरे चरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
तीसरे चरण में 15 से आठ मई तक आवेदन लिए जाएंगे। नौ मई से 15 मई तक सत्यापन व लाक करने की प्रक्रिया, 16 मई को लॉटरी प्रक्रिया व 23 मई तक तक प्रवेश प्रक्रिया होगी। चौथे चरण और अंतिम चरण एक जून से बीस जून तक चलेगा। .
कहीं वार्ड तो कहीं जन्मतिथि में होता है अंतर
आवेदन निरस्त होने के पीछे विभाग कई तरह के तर्क दे रहा है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि इस बार ज्यादातर ऐसे आवेदन आएं हैं, जिनमें दूसरे वार्ड में रहने वाले अभिभावकों ने किसी अन्य वार्ड के स्कूल के लिए आवेदन किया। कई बार जन्मतिथि में भी अंतर मिला। इसलिए आवेदन को निरस्त हो रहे हैं। बच्चे के आधार और आवेदन में नाम अलग अलग होने की वजह से भी फार्म को निरस्त किया जा रहा है।