लखीमपुर खीरी। कोरोना महामारी में आउटसोर्सिंग के तहत भर्ती किए गए 67 स्वास्थ्य कर्मियों पर बेरोजगारी की तलवार लटक गई है। यह सभी कर्मचारी 30 जून को बेरोजगार हो जाएंगे। शासन ने 30 जून के बाद सेवा विस्तार न करने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। ऐसे में सभी कर्मचारी रोजी-रोटी पर ग्रहण लगता देखकर तनाव में हैं। इनका कहना है कि दो साल से काम कर रहे थे, लेकिन अब रोजगार छिन जाएगा। ऐसे में अब क्या करेंगे इसकी चिंता सता रही है।
67 कर्मचारियों में कंप्यूटर ऑपरेटर, ऑपरेशन टेक्नीशियन, स्वीपर, वार्ड ब्वाॅय, एलटी सहित एएमएस यानि नॉन मेडिकल साइंटिस्ट शामिल थे। इन कर्मचारियों को जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आरटीपीसीआर जांच प्रयोगशाला, कोविड कंट्रोल रूम आदि में तैनात किया था। स्टाफ की कमी में जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग को इनकी तैनाती से काफी मदद मिल रही थी, मगर अब जब कोरोना का खतरा टल गया है तो
इनको बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
ये कार्य होंगे प्रभावित
इन कर्मचारियों से स्टाफ नर्स, ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन, क्रिटिकल केयर टैक्नीशियन, वार्ड ब्याय, डाटा इंट्री ऑपरेटर से लेकर स्वीपर आदि के कार्य लिए जा रहे हैं। इनके हटने के बाद यह सभी सेवाएं प्रभावित हो जाएंगी।
पद कर्मी
डाटा इंट्री ऑपरेटर 22
ऑपरेशन टैक्नीशियन सात
वार्ड ब्वाय 12
नॉन मेडिकल साइंटिस्ट दो
स्टाफ नर्स 12
लैब टैक्नीशियन छह
स्वीपर छह
स्टाफ का अभाव फिर दिखाया जा रहा बाहर का रास्ता
स्वास्थ्य विभाग में हर पद पर कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। इसके बावजूद इन सभी कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। इन कर्मचारियों से स्वास्थ्य विभाग को काफी सहूलियत मिल रही थी। विभागीय लोगों का कहना है कि जिला एवं महिला अस्पताल सहित एमसीएच विंग, सीएचसी पीएचसी पर सैकड़ों पद रिक्त हैं, जिन पर इन 67 कर्मचारियों को समायोजित किया जा सकता है।
कोरोना मोबाइल पर सैंपलिंग का काम कर रहे एलटी निर्मल राज बताते हैं कि दो साल से काम कर हैं। इसी से घर परिवार का पालन पोषण हो रहा था। मगर,अब 30 जून से नौकरी भी चली जाएगी। घर परिवार की चिंता सता रही है।
कोविड कंट्रोल रूम में कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर तैनात हरिहर शरण वर्मा बताते हैं कि बेरोजगार होने में सिर्फ चंद दिन शेष हैं। बच्चे पढ़ रहे हैं। अब समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। जिले से लेकर लखनऊ तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
सीएचसी मितौली की कंप्यूटर ऑपरेटर आरती बताती हैं कि 30 जून से सेवा विस्तार न होने की सूचना मिली है। रोजगार बचाने के लिए सीएमओ से लेकर सीएम योगी तक ज्ञापन भेजा गया है। अब तो बेरोजगार होने के दिन करीब आ रहे हैं।
एमसीएच विंग के स्वीपर छोटेलाल ने बताया कि दो साल पहले नौकरी मिलने से बेहद खुशी थी,लेकिन अब जाने का गम है। इसी नौकरी की बदौलत ही घर का खर्च चल रहा था। अब रोजी रोटी कैसे चलेगी, इस बात की चिंता खाए जा रही है।
निर्मल कुमार
निर्मल कुमार
निर्मल कुमार