पलियाकलां। 15 नवंबर 2023 से सैलानियों के लिए दुधवा नेशनल पार्क खोला गया था। शुरूआत से सैलानी यहां अच्छी संख्या में पहुंच रहे हैं। पार्क खुलने से लेकर मार्च तक दुधवा नेशनल पार्क को 87 लाख 13 हजार 71 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। पार्क प्रशासन बढ़े हुए राजस्व से खासा उत्साहित है। जून तक राजस्व और बढ़ने की संभावना है। 15 जून को पार्क सैलानियों के लिए बंद कर दिया जाएगा।
15 नवंबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक दुधवा नेशनल पार्क में 31277 सैलानियों ने भ्रमण किया। इसमें पर्यटन परिसर में घूमने वाले सैलानियों की संख्या 5738 रही, जबकि रात्रि विश्राम करने वाले कुल 1446 सैलानी ही रहे। पार्क का दैनिक भ्रमण करने वाले देशी सैलानियों की संख्या 23946 रही। वहीं विदेशी सैलानियों को देखें तो 147 ने पार्क का भ्रमण किया।
आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला माह दिसंबर और मार्च का रहा। नवंबर में दुधवा नेशनल पार्क को 13 लाख 43 हजार 900 रुपये का राजस्व मिला। दिसंबर में 22 लाख 48 हजार 607 का राजस्व आया। जनवरी में 17 लाख 86 हजार 680, फरवरी में 12 लाख 59 हजार 412 व मार्च माह में दुधवा को 20 लाख 74 हजार 472 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। अप्रैल का राजस्व कई रेंजों से दुधवा मुख्यालय नहीं पहुंचा है, जिसके कारण उसका डाटा नहीं मिला है।
शाॅप व कैंटीन से एक लाख 68 हजार से अधिक कमाए
दुधवा पार्क ने सार्वनियर शाॅप से 22 हजार 559 रुपए व कैंटीन से एक लाख 45 हजार 694 रुपये का राजस्व प्राप्त किया। इन दो मदों से ही एक लाख 68 हजार 253 रुपये का राजस्व मिला।
हाथी सफारी व गैंडा क्षेत्र में सफारी से मिला सात लाख से अधिक का राजस्व
हाथी सफारी से पार्क प्रशासन को पांच लाख 35 हजार 600 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं गैंडा क्षेत्र में वाहनों से सफारी में पार्क को दो लाख 43 हजार 450 रुपए मिले।
15 लाख से अधिक वनमार्ग और पार्किंग शुल्क से आए
दुधवा में वन मार्ग शुल्क से 12 लाख 66 हजार 600 रुपये का राजस्व मिला, जबकि पार्किंग से भी दो लाख 71 हजार 392 रुपये का राजस्व पार्क ने प्राप्त किया है।
सबसे अधिक सैलानियों से प्राप्त हुआ राजस्व
दुधवा नेशनल पार्क को सबसे अधिक सैलानियों का राजस्व मिला है। कुल 50 लाख 98 हजार 498 रुपए सैलानियों से राजस्व प्राप्त किया है।
पार्क में कई चीजों का शुल्क घटने के बाद से सैलानियों की संख्या बढ़ी है। इससे राजस्व भी बढ़ा है। पर्यटन सत्र समाप्त होने तक और भी राजस्व में इजाफा होगा। दुधवा और किशनपुर में लगातार हो रही बाघ साइटिंग से भी सैलानी बढ़े हैं। - डाॅ. रंगाराजू टी, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क