इमलिया में लगाए गए कमरे में कैद हुई बाघ की तस्वीर। संवाद
ममरी। हैदराबाद थाना के गांव इमलिया निवासी युवक को मौत के घाट उतारने वाला बाघ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है। 24 कैमरे, चार पिंजरे और अधिकारी-कर्मचारियों की कांबिंग के बाद विभाग को सिर्फ बाघ की एक तस्वीर मिली है। इससे बाघ के गन्ने में होने की पुष्टि हुई है।
रेंजर नरेशपाल सिंह ने बताया कि बाघ को कैद करने के लिए इमलिया गांव के निकट गन्ने के आसपास चार पिंजरे और 24 कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन छह दिन बीतने के बाद भी बाघ पकड़ा नहीं जा सका। फुटेज खंगालने पर एक कैमरे में उसकी तस्वीर दिखी है। बाघ चक मार्ग पर खड़ा दिख रहा है। पिंजरे में बंधी बकरी भी सुरक्षित हैं।
कैमरे में तस्वीर कैद होने और पगचिह्न मिलने से पुष्टि होती है कि बाघ अब तक गन्ने में मौजूद है। हालत यह है कि गांव के लोग रात जागकर बिता रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि पिंजरे में बकरी बंधी होने के बावजूद बाघ पिंजरे के पास नहीं जा रहा है।
रेंजर नरेशपाल सिंह का कहना है कि बाघ को पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है। वन कर्मियों की टीमें उसकी चहलकदमी पर नजर रखे हैं। गन्ने का क्षेत्रफल इतना बड़ा है इसमें घुसने की किसी की हिम्मत नहीं हो रही है।