लखीमपुर खीरी/ममरी। अशर्फीगंज के युवक लालाराम पर हमला कर मौत के घाट उतारने वाले खूनी बाघ की दहशत से लोग खेतों में जाने से घबरा रहे हैं।
बिहारीपुर के राजपाल सिंह, गोरेंदर सिंह के अनुसार शनिवार शाम बाघ खेत से छलांग लगाकर माता भुइयां देवी मंदिर के जंगल में चला गया, रविवार सवेरे उसके पगचिन्ह् मंदिर के आस-पास मिले। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ के साथ शावक भी है। हालांकि वनकर्मियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। रेंजर एसएन यादव ने बताया कि बाघ की लोकेशन भुइया देवी मंदिर से फकीरबाबा स्थान तक मिली है। बाघ उम्रदराज है। उधर महेशपुर जंगल से सटे मुल्लापुर, बोझबा, अयोध्यापुर, सुंदरपुर, सिंगहा, मोतीपुर, तिलोकपुर, रामदीनपुर, महेशपुर, कन्हैयागंज, नयागांव, अशर्फीगंज, गौरीगंज, बिहारीपुर, तूलमेलगंज, भदैंया, झाऊपुर, पन्नापुर, लीलापुर, नासिरपुर, रम्मापुर आदि के ग्रामीणों ने खेतों में जाना बंद कर दिया है। हाल यह है कि गन्ने में यदि नीलगाय, जंगली सुअर, चीतल या छुट्टा पशु दिखाई पड़ जाए तो लोग उसे बाघ समझ बैठते हैं, जिससे पूरे गांव में बाघ का शोर मच जाता है।