निघासन। बुधवार को मोटे बाबा मंदिर के सामने सरयू नदी में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने के मामले में फजीहत झेलने के बाद हरकत में आई निघासन पुलिस ने सुहेली नदी किनारे घोसियाना जंगल से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य चार आरोपी भागने में सफल रहे। पुलिस ने मौके से चार गोवंशीय पशु, काटने के औजार, कांटा-बांट और तमंचा भी बरामद किया है।
गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस ने मंदिर के महंत की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी जांच में जुटी थी। गो मांस की बिक्री को लेकर निघासन क्षेत्र पहले भी संवेदनशील रहा है। यहां से गोमांस बरेली तक भेजा जाता है।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को उन्हें सूचना मिली कि सुहेली नदी किनारे घोसियाना जंगल में 10 से 12 लोग गोवंशीय पशुओं को काटकर उनका मांस बेचने की कवायद में हैं। इस पर जांच टीम में शामिल एसआई अनिल राजपूत, ढखेरवा चौकी इंचार्ज बाबूराम, एसआई रामगौरव और हेड कांस्टेबल जेपी यादव ने मौके पर पहुंचकर वहां मौजूद 11 आरोपियों को दबोच लिया, जबकि अन्य चार आरोपी मौके से भागने में कामयाब रहे।
पुलिस टीम ने मौके से चार गोवंशीय पशुओं को भी बरामद किया, जिनको खुलवाकर कौड़िया गांव की गौशाला में भिजवाया गया। पुलिस ने मौके से एक इलेक्ट्रानिक तराजू, एक साधारण तराजू, एक किलो और आधा किलो के दो बांट, दो फरसे, दो छुरी और दो लकड़ी के बोटे बरामद किए हैं।
सभी 11 आरोपी भेजे गए जेल
कोतवाल प्रभातेश कुमार ने बताया कि 11 आरोपियों में निघासन कोतवाली के लालपुर गांव के अतीक, अख्तर, मो. उमर, पढ़ुआ के पठाननपुरवा गांव के शहीद उर्फ मुंडे, इरफान उर्फ छोटू, हनीफ और शकील व जीतपुरवा मजरा बैलहा निवासी वसीम उर्फ सल्लार, बिनौरा निवासी आफाक तथा थाना सिंगाही के झाला मोहल्ले के निसार शाह व इकराम को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी शहीद उर्फ मुंडे की तलाशी में एक तमंचा और एक कारतूस बरामद हुआ। सभी आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करके जेल भेजा गया है।