- चालक की नौकरी करने गया युवक चरा रहा था ऊंट
- प्रवासी भारतीय मदद समूह के प्रयास से हुई घर वापसी
दुदही। सऊदी अरब में चालक की नौकरी करने गया दुदही विकास खंड के गांव जंगल लाला छपरा निवासी आजम अंसारी ऊंट चराता था। वह काफी दिनों से फंसा था। उसके वापसी के कोई आसार नहीं दिख रहे थे। जानकारी मिलने पर प्रवासी भारतीय मदद समूह ने उसे घर वापस लाने का प्रयास शुरू किया। करीब तीन महीने बाद उसकी घर वापसी हो सकी।
दुदही विकास खंड के गांव जंगल लाला छपरा निवासी जफरुद्दीन अंसारी का बेटा आजम अंसारी नौकरी की तलाश में करीब तीन माह महीने पहले खाड़ी देश सऊदी अरब में गया था। आजम को चालक की नौकरी देने की बात कही गई। पर , वहां जाने के बाद काम नहीं मिला। वहां आजम को वहां ऊंट चराने का कार्य दे दिया गया। इतना ही नहीं ऊंट चराने के दौरान आजम के साथ अमानवीय व्यवहार भी होने लगा। न तो समय से खाना मिल पा रहा था और न ही वेतन, उल्टे उससे पूरे दिन काम कराया जाने लगा।
इसकी जानकारी परिवारवालों को हुई, परेशान हो गए। फिर यह खबर प्रवासी भारतीय मदद समूह निस्वार्थ के सदस्य शिवम श्रीवास्तव की तरफ से संस्था के संस्थापक अरविंद कुमार सागर को दी गई। उसके बाद आजम के स्वदेश वापसी का प्रयास शुरू हुआ और संस्था के उपाध्यक्ष छोटेलाल यादव ने परिवार के लोगों से जरूरी कागजात देने के लिए कहा। फिर संस्था के सदस्य जेडी अंसारी ने सऊदी अरब में भारतीय दूतावास से संपर्क कर फंसे युवक की स्वदेश वापसी की मांग की। इसके बाद आजम की वापसी संभव हो सकी। संस्था के महासचिव आशीष तिवारी ने बताया कि 50 लोग कई देशों में रहते हैं। प्रवासी भारतीय के परेशान होने की जानकारी मिलते ही मदद की जाती हे। संस्था के प्रयास से पूरे देश में अब तक 629 लोगों की वापसी कराई जा चुकी है।