पकड़ियार बाजार (कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के मंसाछपरा गांव के युवक की सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर हिंसा के दौरान मौत हो गई। वह होली पर हैदराबाद से घर लौट रहा था। वहां कामगारों के बाबत उपजी हिंसा के दौरान यह घटना हुई। मृत व्यक्ति की जेब में मिले मोबाइल फोन से जीआरपी ने उनके घरवालों को कॉल करके घटना की जानकारी दी।
बताया जा रहा है कि मंसाछपरा निवासी महंत कुशवाहा (45) लगभग आठ माह पहले तेलंगाना के हैदराबाद में बढ़ई का कार्य करने गए थे। वहीं रहकर काम करते थे। उत्तर भारतीय कामगारों पर हो रहे हिंसक हमले से माहौल खराब होने के चलते होली पर घर लौट रहे थे। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर हिंसा के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौत हो गई।
बुधवार की शाम करीब छह बजे जीआरपी ने उनकी जेब में मिले मोबाइल फोन से घर के लोगों को घटना की सूचना दी। परिजनों के मुताबिक, रेलवे पुलिस ने बताया कि महंत के सिर और आंख में गंभीर चोट लगी है। उनके कान से खून निकलने की जानकारी दी गई। महंत ने परिजनों को बुधवार की शाम चार बजे तक घर आ जाने की सूचना फोन पर दी थी। होली की खुशी मना रहे परिवार में इस घटना की सूचना से अचानक चीख-पुकार मच गई।
घटना की जानकारी गांव में फैलते ही हर कोई अवाक रह गया। महंत पर ही पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी थी। पत्नी पूनम व तीन अविवाहित पुत्रियां मनीषा, संजना, निशा व पुत्र अनूप के परवरिश का भार था। परिजन शव लाने के लिए सिकंदराबाद रवाना हो गए हैं।