मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के त्रिलोकपुर बुजुर्ग गांव में तीन दिन पूर्व कर्ज का ब्याज जमा करने को लेकर हुई मारपीट में घायल 28 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान बृहस्पतिवार की रात मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने मां, भाई समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में मृतक की मां को पुलिस ने हिरासत लिया है। जबकि आरोपी भाई व उसकी पत्नी फरार हैं।
माइक्रो फाइनेंस से गांव निवासी मृतक उपेंद्र गौड़ के परिवार के लोग कर्ज लिए थे। ब्याज अधिक हो जाने के कारण कर्ज जमा करने के लिए लगातार माइक्रो फाइनेंस के कर्मचारी परेशान कर रहे थे। 17 सितंबर की शाम माइक्रो फाइनेंस का कर्ज जमा करने के लिए सगे भाई उपेंद्र व लक्ष्मण के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि लक्ष्मण व उसकी पत्नी और मां ने लाठी-डंडे से उपेंद्र की पिटाई कर दी। इससे उपेंद्र के सिर में गंभीर चोटें आईं। एम्बुलेस से उसे मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर धूस भेजवाया गया, जहां डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर बता गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। परिवार के लोग गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती करवा दिए, जहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार की रात उपेंद्र की मौत हो गई। शव लेकर घर आने के बाद किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पर आई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी सुमन देवी की तहरीर पर पुलिस ने भाई लक्ष्मण, उसकी पत्नी और मां के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। मां पुलिस की हिरासत में है। जबकि भाई व उसकी पत्नी दोनों फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
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महज 15 हजार रुपये के लिए बन गए जान के दुश्मन :
माइक्रो फाइनेंस कंपनी से परिवार के लोग कर्ज लिए थे। कर्ज जमा करने के लिए कंपनी के कर्मचारी लगातार दबाव बना रहे थे। मृतक की पत्नी सुमन ने बताया कि 15 हजार रुपये जमा करने थे, लेकिन परिवार के लोग उसको जमा नहीं कर रहे थे। मंगलवार की रात बकाये रुपये को जमा करने के लिए जब कहा गया तो मृतक की मां, देवर व देवरानी ने मिलकर उपेंद्र की पिटाई की। इससे गंभीर रूप से घायल पति की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। परिवार का खर्च अब कैसे चलेगा, इसको लेकर पत्नी समेत गांव के लोग भी चिंतित हैं।