पडरौना। कोतवाली क्षेत्र के जंगल बनवीरपुर गांव निवासी 18 वर्षीय मेहताब राजा का शव नहर में डूबने के करीब 40 घंटे बाद बुधवार की सुबह बरामद किया गया। मेहताब राजा सोमवार को बकरी को बचाने के प्रयास में मुख्य पश्चिमी गंडक बड़ी नहर में डूब गया था। घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम ने लगातार दो दिनों तक नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार शाम को सर्च अभियान समाप्त कर टीम वापस लौट गई थी। बुधवार सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार जंगल बनवीरपुर निवासी शाहिद अली का पुत्र मेहताब राजा सोमवार 15 जून की दोपहर अपनी बकरियों को चराने के लिए सिधुआ-सुखपुरा रेगुलेटर के समीप मुख्य पश्चिमी गंडक बड़ी नहर के किनारे गया था। चराई के दौरान एक बकरी नहर के तेज बहाव वाले हिस्से की ओर चली गई। बकरी को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में मेहताब का पैर फिसल गया और वह नहर के गहरे पानी में जा गिरा। तेज बहाव के कारण वह कुछ ही पलों में लापता हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। घटना की सूचना मिलते ही पडरौना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर खोज अभियान शुरू कराया। सोमवार और मंगलवार को घंटों तक नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह करीब 5 बजे जंगल सिसवा रेगुलेटर के पास ग्रामीणों ने मेहताब का शव पानी में तैरता हुआ देखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया। मेहताब राजा तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। वह परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से एल्यूमीनियम दरवाजा बनाने का काम सीख रहा था। उसका बड़ा भाई अल्ताफ राजा चालक का कार्य करता है, जबकि छोटा भाई आकिब राजा अभी पढ़ाई कर रहा है। मृतक के पिता शाहिद अली विदेश में रहकर मजदूरी करते हैं, जिनकी कमाई से पूरे परिवार का खर्च चलता है। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि शव सिसवा रेलगुटर के पास से बरामद किया गया।